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सिंगरौली में 15 करोड़ की बैंक डकैती: रीवा रेंज पुलिस पर उठे बड़े सवाल, आरपीएफ ने आरोपी पकड़कर खोली पोल

रीवा/सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई 15 करोड़ रुपये की हाई-प्रोफाइल बैंक डकैती ने पूरे विंध्य क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी वारदात ने जहां सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी वहीं रीवा रेंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद स्थानीय पुलिस जहां कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी वहीं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़कर पूरे मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं।

जानकारी के अनुसार पंडित दीनदयाल उपाध्याय गया रेलखंड के डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन पर शनिवार को आरपीएफ ने एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से 15 लाख 72 हजार रुपये नकद और करीब 61 ग्राम सोना बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपी की पहचान बिहार के नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के ग्वाल बिगहा निवासी कमलेश कुमार के रूप में हुई जो इसी सनसनीखेज डकैती कांड में शामिल बताया जा रहा है।

सूत्रों की मानें तो इस वारदात को पांच शातिर बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था। आरोपियों ने बैंक को निशाना बनाते हुए करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और 20 लाख रुपये से अधिक की नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद से ही यह सवाल उठने लगा था कि इतनी बड़ी डकैती के बावजूद पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि स्थानीय पुलिस शुरुआती जांच में ही पिछड़ती नजर आई। घटनास्थल से कोई ठोस सुराग नहीं जुटा पाने और संदिग्धों की पहचान में देरी के कारण जांच की दिशा भटकती रही। ऐसे में आरपीएफ की सतर्कता ने पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई। अगर रेलवे पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो संभव है कि आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर रहते और जांच लंबे समय तक अधर में लटकी रहती।

आरपीएफ द्वारा पकड़े गए आरोपी से अब गहन पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि इस पूछताछ से गिरोह के अन्य चार सदस्यों और लूटे गए माल के बड़े हिस्से तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में कुछ अहम सुराग दिए हैं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम ने रीवा रेंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं और उन पर धीमी कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि पुलिस व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर खामियां मौजूद हैं। आम जनता के बीच भी अब असुरक्षा की भावना बढ़ने लगी है और लोग पुलिस की कार्यक्षमता पर सवाल उठाने लगे हैं।

फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। बाकी चार आरोपी अब भी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी ही इस पूरे मामले का असली खुलासा करेगी। अब देखना यह है कि रीवा रेंज पुलिस इस चुनौती से कैसे निपटती है और क्या जल्द ही पूरे गिरोह को पकड़कर इस बड़ी डकैती का पर्दाफाश कर पाती है या नहीं।

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