राष्ट्रीय

90वें जन्मदिन पर अन्ना हजारे को मिला ऐतिहासिक सम्मान, रक्षा मंत्रालय ने भेंट किया 1971 युद्ध का ‘भीम’ टैंक

देश के वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व सैनिक अन्ना हजारे को उनके 90वें जन्मदिन पर एक विशेष और ऐतिहासिक सम्मान मिला है। रक्षा मंत्रालय ने उन्हें 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इस्तेमाल किए गए प्रसिद्ध T-55 ‘भीम’ टैंक को भेंट किया है। यह टैंक अब महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले स्थित उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धि पहुंच चुका है, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ इसे अन्ना हजारे को सौंपा गया।

इस अवसर पर अन्ना हजारे भावुक नजर आए। उन्होंने टैंक पर फूल-माला अर्पित की, उसे सलामी दी और भारतीय सेना के जवानों के साथ देशभक्ति के भाव से इस ऐतिहासिक क्षण को साझा किया। समारोह के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

T-55 टैंक, जिसे ‘भीम’ नाम दिया गया है, सोवियत संघ द्वारा 1950 के दशक में विकसित किया गया था। भारत ने इसे 1960 के दशक में अपनी सेना में शामिल किया था। यह टैंक 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपनी ताकत और प्रभावशाली भूमिका के लिए जाना जाता है। अन्ना हजारे ने इस अवसर पर युद्ध की यादों को साझा करते हुए कहा कि इस टैंक की गर्जना सुनकर दुश्मन सैनिकों के मनोबल पर गहरा असर पड़ता था और कई बार वे मैदान छोड़ने को मजबूर हो जाते थे।

रालेगण सिद्धि में टैंक के पहुंचने पर ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक स्वागत किया। गांव के लोगों ने इसे केवल अन्ना हजारे का सम्मान नहीं, बल्कि पूरे गांव और देशभक्ति की भावना का सम्मान बताया। यह टैंक अब रालेगण सिद्धि में स्थायी रूप से स्थापित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश की सैन्य विरासत और अन्ना हजारे के योगदान से प्रेरणा ले सकें।

अन्ना हजारे ने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद समाज सुधार और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों से लेकर गांव के विकास मॉडल तक, उन्होंने देशभर में लाखों लोगों को प्रेरित किया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा दिया गया यह सम्मान उनके सैन्य और सामाजिक योगदान की सराहना के रूप में देखा जा रहा है।

यह अनोखा उपहार अन्ना हजारे के 90वें जन्मदिन को और भी यादगार बना गया है तथा देश सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण को सम्मानित करता है।

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