KCC कंपनी की मनमानी से फूटा जनता का गुस्सा! सड़क बनी मौत का रास्ता, अब चक्काजाम की चेतावनी

रीवा। रीवा जिला में करोड़ों की लागत से बन रही फोरलेन सड़क परियोजना अब आम जनता के लिए राहत नहीं बल्कि भारी मुसीबत बनती जा रही है। रतहरा से चोरहटा तक निर्माणाधीन फोरलेन मार्ग में KCC कंपनी की कथित मनमानी और लापरवाही के खिलाफ अब स्थानीय लोग खुलकर सामने आ गए हैं। बोदाबाग वार्ड 8 और 9 के रहवासियों ने जिला प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपते हुए भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने और खराब हो चुकी सड़क के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रवासी चक्काजाम आंदोलन करेंगे।
स्थानीय नागरिकों द्वारा सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नीम चौराहा से अजगरहा मार्ग मूल रूप से हल्के वाहनों के लिए बनाया गया था लेकिन पिछले लगभग दो माह से KCC कंपनी द्वारा बायपास निर्माण में लगे भारी वाहन हाईवा, डंपर और ट्रेलर इसी मार्ग से निकाले जा रहे हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और अब छोटे वाहनों तथा पैदल चलने वालों के लिए भी खतरा बन गई है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारी वाहनों के कारण सड़क के साथ नई डली सीवर लाइन और पेयजल पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर सीवर का गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है जिससे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य के दौरान बिना किसी डायवर्जन के सड़क बंद किए जाने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और पानी जमा होने से रोज दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने KCC कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से समस्या बताने की कोशिश की तो उनका रवैया बेहद अभद्र और तानाशाहीपूर्ण रहा। लोगों का कहना है कि प्रोजेक्ट मैनेजर ने साफ कहा जो करना है कर लो सड़क नहीं खोलेंगे, मुझ पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। इस कथित बयान के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है।
रहवासियों ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं जिनमें इस मार्ग पर केवल बायपास निर्माण कार्य में लगे सीमित वाहनों को प्रवेश देना सुबह 7 से दोपहर 12 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही बंद करना धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराना तथा टूटी सड़क, नाली और पाइप लाइन का तत्काल सुधार कार्य शामिल है।
आवेदन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो 31 मई 2026 को सुबह 9 बजे से स्थानीय लोग शांतिपूर्ण चक्काजाम आंदोलन करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर जनता की शिकायतों के बावजूद प्रशासन KCC कंपनी पर कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है? क्या करोड़ों की परियोजना के नाम पर आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा से खिलवाड़ किया जा रहा है? फिलहाल रीवा में विकास कार्य से ज्यादा KCC कंपनी की कार्यप्रणाली चर्चा और विवाद का विषय बन चुकी है।







