रीवा का पुल कांड बना मौत का रास्ता! KCC कंपनी की लापरवाही से टूटा पुल, भारी टैंकर हादसे ने उड़ाए सिस्टम के होश

रीवा। रतहरा से चौरहटा (चोरहटा) मार्ग पर नदी के ऊपर बना पुल अब सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि रीवा की बदहाल व्यवस्था निर्माण एजेंसियों की मनमानी और जिम्मेदार विभागों की चुप्पी का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है। करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे सड़क और पुल निर्माण कार्य में जिस तरह लगातार लापरवाही सामने आ रही है उसने पूरे शहर को संकट में डाल दिया है। अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि जनता पूछ रही है क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?
दरअसल पुराने पुल के ठीक बगल में KCC कंपनी द्वारा नया पुल बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि नए पुल के पिलर निर्माण के दौरान भारी मशीनों और अत्यधिक कंपन का उपयोग किया गया जिससे पुराने पुल की नींव कमजोर हो गई। शुरुआत में कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों ने खतरे को नजरअंदाज किया लेकिन धीरे-धीरे पुल की हालत इतनी खराब हो गई कि आखिरकार उसे बंद करना पड़ा।
पुराना पुल बंद होते ही पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था धराशायी हो गई। प्रशासन ने वाहनों को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट कर दिया लेकिन इसका सीधा असर रीवा शहर की सड़कों पर पड़ा। बायपास से नीम चौराहा और नीम चौराहा से सिरमौर चौराहे तक का पूरा मार्ग भारी वाहनों के दबाव में टूटने लगा। सड़कें जगह-जगह से उखड़ गईं बड़े-बड़े गड्ढे बन गए और अब हालत यह है कि शहर की सड़कें अंतिम सांस लेती नजर आ रही हैं।
सबसे हैरानी वाली बात यह है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के एक महीने बाद भी मरम्मत कार्य पूरी रफ्तार नहीं पकड़ सका। MPRDC द्वारा परीक्षण के बाद पुल को केवल मोटरसाइकिल और हल्के चार पहिया वाहनों के लिए सीमित रूप से खोला गया लेकिन आरोप है कि KCC कंपनी ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी रखा।
इसी लापरवाही के बीच शाम के समय बड़ा हादसा हो गया। कंपनी के कार्य में लगा भारी पेट्रोलियम टैंकर क्षतिग्रस्त पुल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की तस्वीरों ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। सड़क पर बिखरे पत्थर टूटे हिस्से और क्षतिग्रस्त टैंकर साफ बता रहे थे कि सुरक्षा इंतजाम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
हादसे में शामिल टैंकर का नंबर UK-08-CA-6914 बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वाहन बिना वैध नेशनल परमिट के खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहा था। इसके बावजूद परिवहन विभाग और RTO की नजर इस पर नहीं पड़ी। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना परमिट चल रहे ऐसे भारी वाहन किसके संरक्षण में सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं?
जनता का आरोप है कि RTO विभाग नियमों का पालन कराने के बजाय केवल वसूली और औपचारिकताओं में व्यस्त है। वहीं KCC कंपनी पर आरोप है कि वह केवल अपने नए पुल के निर्माण को प्राथमिकता दे रही है जबकि पुराने पुल खराब सड़कों और जनता की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन MPRDC, RTO विभाग और KCC कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच KCC कंपनी पर FIR बिना परमिट वाहनों पर कार्रवाई और पुल निर्माण की तकनीकी जांच की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या रीवा की जनता यूं ही लापरवाही और अव्यवस्था की कीमत चुकाती रहेगी या फिर इस पुल कांड में जिम्मेदारों पर कभी कार्रवाई भी होगी?








