
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री बीएल वर्मा का नाम नहीं है। दोनों का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बीजेपी ने आठ नए चेहरों पर लगाया दांव
5 अक्टूबर को बीजेपी ने यूपी से राज्यसभा के लिए आठ नाम घोषित किए। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यसागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
खास बात यह है कि पार्टी ने अपने किसी भी मौजूदा रिटायरिंग सदस्य को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। इनमें हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा जैसे केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं।
पुरी और वर्मा का कार्यकाल नवंबर में खत्म
हरदीप सिंह पुरी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय संभाल रहे हैं, जबकि बीएल वर्मा केंद्र में राज्य मंत्री हैं। दोनों की राज्यसभा सदस्यता 25 नवंबर 2026 को समाप्त होनी है।
नियमों के मुताबिक कोई मंत्री संसद के किसी भी सदन का सदस्य बने बिना छह महीने से ज्यादा मंत्री पद पर नहीं रह सकता। ऐसे में अगर दोनों को संसद में बने रहने का कोई दूसरा रास्ता नहीं मिलता है, तो उनके मंत्री पद को लेकर भी सवाल खड़ा होगा।
कैबिनेट फेरबदल की चर्चा क्यों तेज हुई?
पुरी और वर्मा को टिकट न मिलने के साथ ही केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। इससे पहले रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को भी राज्यसभा के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया था और बाद में उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके अलावा सरकार के सामने मंत्रियों के बीच मंत्रालयों के अतिरिक्त प्रभार और सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देने जैसे मुद्दे भी हैं। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार या बीजेपी की ओर से किसी बड़े कैबिनेट फेरबदल की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
यूपी की सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन
बीजेपी की नई सूची में तीन ओबीसी, दो अनुसूचित जाति और तीन सवर्ण चेहरे हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पार्टी ने संगठन से जुड़े नेताओं को भी राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं, इसलिए उम्मीदवारों के चयन को सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
आठवीं सीट पर भी नजर
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। बीजेपी के पास आठ सीटों के लिए पर्याप्त संख्या है, जबकि आठवीं सीट के बाद मुकाबले की स्थिति संख्या बल पर निर्भर कर सकती है। समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल—कौन संभालेगा मंत्रालय?
हरदीप पुरी को दोबारा राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल उनके मंत्रालय को लेकर है। क्या पार्टी उन्हें किसी दूसरे सदन के रास्ते संसद में बनाए रखेगी या पेट्रोलियम मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी दूसरे नेता को दी जाएगी?
इसी तरह बीएल वर्मा के भविष्य को लेकर भी तस्वीर अभी साफ नहीं है। फिलहाल इतना जरूर है कि राज्यसभा टिकटों की घोषणा ने मोदी सरकार के संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाओं को फिर हवा दे दी है। लेकिन अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और बीजेपी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।





