भोपाल में सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा, लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा बड़ा सम्मान

भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत के साथ कई देश आगे बढ़े, लेकिन कांग्रेस की नीतियों ने देश की प्रगति को लंबे समय तक प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी संविधान की बात करती है, जबकि उसका सबसे अधिक दुरुपयोग उसी ने किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदियों पर कांग्रेस में शामिल होने और इंदिरा गांधी की जय-जयकार करने का दबाव बनाया जाता था। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्वतंत्रता आंदोलन के समान बताते हुए कहा कि उन्हीं के बलिदान की वजह से आज देश का लोकतंत्र सुरक्षित है और गरीब परिवार का व्यक्ति भी प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में लोकतंत्र कमजोर है, जबकि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र बनकर उभरा है।
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि वर्ष 1975 से 1977 के आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान प्रदेश सरकार लगातार कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे थे, इसलिए मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा को करीब से देखा है। पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी और संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने भी लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने और उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता को आयकर मुक्त करने की मांग रखी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने तीर्थयात्रा के लिए विशेष ट्रेन शुरू करने, प्रदेश के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन तक नि:शुल्क ठहरने की सुविधा, नि:शुल्क इलाज और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था उपलब्ध कराने का ऐलान किया। इसके अलावा दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर गांवों, कस्बों, पार्कों, सड़कों और खेल मैदानों का नामकरण किया जाएगा। जिन लोकतंत्र सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के सुझावों को प्रदेश के विकास में शामिल किया जाएगा और उन्हें पूरा सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है।





