रीवा पीटीएस में गूंजा देशभक्ति का जज़्बा, 455 नवआरक्षक बने मध्यप्रदेश पुलिस की नई ताकत 11 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद भव्य दीक्षांत परेड, आईजी गौरव राजपूत बोले धैर्य, अनुशासन और सम्मान ही असली पुलिसिंग की पहचान

रीवा। पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस) रीवा गुरुवार को देशभक्ति अनुशासन और गौरव के रंग में रंगा नजर आया जब 93वें नवआरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2025-26 का भव्य दीक्षांत परेड समारोह आयोजित किया गया। 23 जुलाई 2025 से शुरू हुई 11 महीने की कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 455 प्रशिक्षु नवआरक्षक अब मध्यप्रदेश की 53 पुलिस इकाइयों में सेवा देने के लिए पासआउट होकर रवाना हो गए। पूरे समारोह के दौरान मैदान में कदमताल, जोश और राष्ट्रसेवा का उत्साह देखने लायक रहा।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मऊगंज पुलिस अधीक्षक एवं पीटीएस रीवा के तत्कालीन एसपी सुरेंद्र कुमार जैन मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व रीवा पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह ने किया।
समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि को भव्य सलामी देकर हुई। इसके बाद आईजी गौरव राजपूत ने परेड का निरीक्षण किया। निशान टोली द्वारा तिरंगे और भारतीय संविधान के साथ सभी प्लाटूनों के समक्ष मार्च करते हुए राष्ट्रीय सलामी दी गई जिसने पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति से भर दिया। इसके पश्चात सभी प्रशिक्षुओं को संविधान और पुलिस आचरण संहिता की शपथ दिलाई गई।
परेड कमांडर आरक्षक रचित सिंह घोष एवं टू-आई-सी आरक्षक सूर्यदेव सिंह कुशवाह के नेतृत्व में आठ प्लाटूनों ने शानदार मार्चपास्ट कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। सैकड़ों कदमों की एक जैसी ताल और अनुशासन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। समारोह के दौरान पीटीएस रीवा का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए सुरेंद्र कुमार जैन ने प्रशिक्षण अवधि की उपलब्धियों कठिन अभ्यास और प्रशिक्षुओं की कार्यक्षमता पर प्रकाश डाला।
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। छिंदवाड़ा जिले के सोयल खान को सत्र का सर्वोत्तम प्रशिक्षणार्थी घोषित किया गया जबकि शाजापुर जिले के वीरेंद्र सिंह सोलंकी द्वितीय स्थान पर रहे। सर्वश्रेष्ठ आंतरिक प्रशिक्षक का सम्मान निरीक्षक चित्रांगदा सिंह तथा सर्वश्रेष्ठ बाह्य प्रशिक्षक का सम्मान प्रधान आरक्षक राजीव लोचन पटेल को मिला। सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र ट्रॉफी और नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि गौरव राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा केवल वर्दी पहनने का अधिकार नहीं बल्कि समाज और कानून के प्रति सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नवआरक्षकों को पूरी ईमानदारी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करने का संदेश दिया। उन्होंने सफलता के पांच सबसे बड़े मित्र धैर्य, अनुशासन, व्यवहार, सम्मान और मौन को जीवन में अपनाने की सीख दी।
आईजी ने पीटीएस रीवा के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा आयोजित शानदार दीक्षांत समारोह की सराहना करते हुए नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की। समारोह के अंतिम चरण में सभी 455 नवआरक्षकों ने निष्क्रमण परेड के साथ देशभक्ति और जनसेवा की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाया। अंत में उप पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।





