रीवा में राहत की वापसी! बिहार नदी पुल पर दौड़ने लगी जिंदगी 17 मई से बाइक चालू, जल्द सभी वाहनों के लिए खुलेगा मार्ग

रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले के रतहरा से चोरहटा मार्ग के बीच स्थित बिहार नदी का पुल लंबे इंतजार के बाद अब धीरे-धीरे फिर से चालू होने लगा है। पुल में दरार और धंसाव आने के बाद बंद किए गए इस महत्वपूर्ण मार्ग को लेकर अब राहत भरी खबर सामने आई है। 17 मई से प्रशासन ने मोटरसाइकिल और छोटे दोपहिया वाहनों के लिए पुल का रास्ता आंशिक रूप से खोल दिया है जिससे आम लोगों ने राहत की सांस ली है।
करीब एक महीने से जादा समय तक बंद रहने के कारण इस पुल ने पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया था। वैकल्पिक मार्गों पर अचानक बढ़े ट्रैफिक दबाव के चलते लोगों को घंटों जाम खराब सड़कों और लंबी दूरी तय करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कई मुख्य सड़कें भी अतिरिक्त दबाव के कारण दरकने लगी थीं। ऐसे में पुल का आंशिक रूप से खुलना लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार पुल की मरम्मत का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। तकनीकी टीमों की निगरानी में पुल के ढांचे को मजबूत किया गया है और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से यातायात बहाल किया जा रहा है। फिलहाल दोपहिया वाहनों को अनुमति दी गई है जबकि जल्द ही छोटे चारपहिया वाहनों और बाद में भारी वाहनों के लिए भी मार्ग खोलने की तैयारी चल रही है।
इसी बीच MPRDC के अधिकारियों ने दावा किया है कि बहुत जल्द पुल को पूरी तरह सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा परीक्षण और कुछ अंतिम तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यातायात पूरी क्षमता के साथ बहाल कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचने के लिए काम सावधानीपूर्वक किया जा रहा है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का कहना है कि पुल पर अभी भी कुछ कार्य बाकी है। लोगों के अनुसार निर्माण और फिनिशिंग से जुड़े कुछ हिस्सों पर काम जारी है जिसके कारण फिलहाल भारी वाहनों को अनुमति नहीं दी गई है। बावजूद इसके पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही शुरू होने से आसपास के इलाकों में सामान्य स्थिति लौटती दिखाई देने लगी है।
रतहरा-चोरहटा मार्ग रीवा शहर का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। पुल बंद होने से व्यापार, स्कूल, दफ्तर और आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा था। कई लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही थी।
अब लोगों की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द पुल को पूरी तरह चालू करे ताकि शहर की यातायात व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके। फिलहाल बिहार नदी पुल पर लौटती रफ्तार ने रीवा को बड़ी राहत जरूर दी है।





