13 मई तक पूरा होगा मरम्मत कार्य, तकनीकी जांच के बाद ही शुरू होगा आवागमन एमपीआरडीसी

रीवा के बीहर नदी बाइपास पुल को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही चर्चाओं और आशंकाओं के बीच अब एमपीआरडीसी के एक अधिकारी का बड़ा बयान सामने आया है। अधिकारी ने साफ तौर पर माना है कि पुल पर अभी मरम्मत का कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और जल्दबाजी में इसे चालू करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। जानकारी के अनुसार अब पुल पर चल रहा तकनीकी कार्य 13 मई तक पूरा होने की संभावना है जिसके बाद सुरक्षा परीक्षण और अंतिम निरीक्षण के बाद ही आवागमन बहाल किया जाएगा।
करीब 35 दिनों से बंद पड़ा यह पुल रीवा शहर के लिए राहत और परेशानी दोनों का केंद्र बना हुआ है। 5 अप्रैल को पुल के बेयरिंग खराब होने गर्डर में दरारें आने और पेयर कैप क्षतिग्रस्त पाए जाने के बाद भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया था। इसके बाद शहर के भीतर ट्रकों और हाइवा का दबाव अचानक बढ़ गया। रातभर भारी वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई और आम लोगों को जाम, धूल और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ा।
इसी बीच बीते कुछ दिनों से यह चर्चा तेज हो गई थी कि रविवार रात से पुल को चालू किया जा सकता है। कई स्तरों पर इसकी तैयारी भी दिखाई दी लेकिन मौके से सामने आ रही तस्वीरों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए। पुल के नीचे लगे भारी हाइड्रोलिक जैक, जारी तकनीकी गतिविधियां और अधूरा दिखाई दे रहा कार्य यह संकेत दे रहे थे कि मरम्मत अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अब जीएम एमपीआरडीसी के द्वारा दिए गए बयान ने इन आशंकाओं को और स्पष्ट कर दिया है। अधिकारी का कहना है कि पुल जैसी संवेदनशील संरचना में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकती है। उन्होंने माना कि सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा और जब तक पूरा कार्य संतोषजनक तरीके से समाप्त नहीं हो जाता तब तक पुल को चालू नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक पुल पर विशेष बेयरिंग लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके लिए बाहर से तकनीकी सामग्री मंगाई गई थी और गर्डर को ऊपर उठाने के लिए भारी जैक का इस्तेमाल किया गया। अभी इन जैकों को पूरी तरह डाउन करने और संरचना की स्थिरता जांचने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही अंतिम तकनीकी परीक्षण और लोड मैनेजमेंट रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में अभी काम बाकी है तो प्रशासन को पारदर्शिता के साथ सही स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए। लोगों ने यह भी कहा कि शहरवासियों को राहत देना जरूरी है लेकिन किसी भी कीमत पर सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
फिलहाल अब यह साफ होता दिखाई दे रहा है कि बीहर नदी बाइपास पुल को जल्दबाजी में नहीं खोला जाएगा। एमपीआरडीसी की ओर से भी संकेत मिल रहे हैं कि 13 मई तक मरम्मत और परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद ही पुल पर आवागमन बहाल किया जाएगा। ऐसे में शहरवासियों को कुछ दिन और इंतजार जरूर करना पड़ेगा लेकिन उम्मीद यही है कि यह इंतजार भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होगा।





