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मौत बनकर दौड़ा बालू से भरा हाइवा, सड़क पर बिछीं लाशें अवैध परिवहन पर बड़ा सवाल

मैहर। मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और ओवरलोड बालू से भरे हाइवा ने एक ही बाइक पर सवार परिवार को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही पिता-पुत्र की मौत हो गई जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध बालू परिवहन और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम डागा गुलवार निवासी लक्ष्मी पाल (45) अपने पिता मुज्जू पाल (65) और पत्नी शीला पाल (40) के साथ हीरो HF डीलक्स बाइक से घर लौट रहे थे। शाम करीब 7 बजे ग्राम भिटारी के पास एक तेज रफ्तार और ओवरलोड हाइवा (क्रमांक MP-19-HA-5662) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई और मौके पर ही पिता-पुत्र ने दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और डायल 100 को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। गंभीर रूप से घायल शीला पाल को प्राथमिक उपचार के बाद संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया है लेकिन चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाइवा अवैध रूप से बालू परिवहन कर रहा था और संभवतः जांच से बचने के लिए तेज रफ्तार में भाग रहा था जिसके चलते यह भयावह हादसा हुआ।

गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन लंबे समय से जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों की आवाजाही आम हो चुकी है लेकिन प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद न तो वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण किया गया और न ही माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।

हैरानी की बात यह है कि इसी दिन ग्राम गोरसरी के पास एक और सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत और एक के घायल होने की खबर सामने आई है। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बालू परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे और निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक सड़कें यूं ही मौत का मैदान बनी रहेंगी? क्या प्रशासन अवैध बालू परिवहन के इस काले खेल पर लगाम लगाएगा या फिर हर दिन इसी तरह किसी न किसी परिवार की जिंदगी उजड़ती रहेगी?

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