कुबरी में हाईवा जब्त, लेकिन रेत माफिया अब भी बेलगाम! एक्शन या सिर्फ दिखावा?

मैहर जिले के रामनगर अनुभाग अंतर्गत कुबरी क्षेत्र में प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में लिप्त एक ओवरलोड हाईवा को पकड़ा है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एस.पी. मिश्रा और नायब तहसीलदार रोशन लाल रावत की संयुक्त टीम क्षेत्र में निरीक्षण कर रही थी। टीम ने ट्रक क्रमांक MP-66-ZG-1132 को प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेजों पिटपास (टीपी) के रेत परिवहन करते हुए पकड़ा।
अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर रामनगर थाने में खड़ा करा दिया है। प्रशासन का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त अभियान जारी है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार होती रहेगी।
लेकिन इस कार्रवाई के साथ ही कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं जो अब प्रशासन की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि कुबरी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। ऐसे में केवल एक हाईवा पकड़ना क्या वास्तव में इस बड़े खेल पर लगाम लगाने के लिए पर्याप्त है?
गौरतलब है कि हाल ही में वन विभाग की सोन घड़ियाल इकाई द्वारा 9 ट्रकों की बड़ी जब्ती की गई थी जिसे एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा गया। लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध उत्खनन और परिवहन का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि क्या कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है या फिर वास्तव में माफिया के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश हो रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि असली समस्या ट्रकों में नहीं बल्कि उस स्रोत में है जहां से रेत निकाली जा रही है। उनका आरोप है कि रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर उत्खनन होता है और दिन में कुछ वाहनों को पकड़कर कार्रवाई का दिखावा किया जाता है।
एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया यहां सालों से रेत का अवैध कारोबार चल रहा है। सभी को पता है कि कहां से रेत निकल रही है और कौन लोग इसमें शामिल हैं लेकिन कार्रवाई केवल छोटे स्तर पर ही होती है।
यही नहीं क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि इस पूरे खेल में एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है जिसमें खनन से लेकर परिवहन और बिक्री तक की पूरी चेन शामिल है। ऐसे में केवल वाहनों की जब्ती से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं दिखता।
जनता अब यह जानना चाहती है कि प्रशासन उस स्थान पर कब पहुंचेगा जहां से यह अवैध उत्खनन हो रहा है। साथ ही यह भी मांग उठ रही है कि इस कारोबार में शामिल लोगों और संरक्षण देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल कुबरी में पकड़ा गया यह हाईवा एक बार फिर सुर्खियों में है लेकिन असली सवाल अभी भी जस का तस बना हुआ है क्या प्रशासन इस रेत साम्राज्य की जड़ तक पहुंचेगा या फिर इसी तरह कभी कभार वाहनों की जब्ती कर कार्रवाई का दावा करता रहेगा?





