ट्रंप की मौजूदगी में बोले PM मोदी, भारतीय नाविकों की मौत पर जताई चिंता

फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। खास बात यह रही कि उनके संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मंच पर मौजूद थे।
G7 मंच से मोदी का स्पष्ट संदेश
फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में Narendra Modi ने वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन हालिया संघर्षों ने कई देशों को मानवीय और आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।
भारतीय नाविकों की मौत पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में उन भारतीय नागरिकों का भी उल्लेख किया जिनकी हालिया समुद्री घटनाओं में जान गई। उन्होंने कहा कि समुद्री नाविक वैश्विक व्यापार की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।
The interactions with world leaders continue at the G7 Summit in Evian.@G7 pic.twitter.com/ZOrAaffrcX
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य पर फोकस
मोदी ने विशेष रूप से Strait of Hormuz का जिक्र करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ट्रंप की मौजूदगी में उठाया मुद्दा
जब प्रधानमंत्री मोदी यह बातें रख रहे थे, तब Donald Trump भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। दोनों नेताओं ने सम्मेलन के दौरान एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत भी की। करीब 16 महीने बाद दोनों नेताओं की यह आमने-सामने की मुलाकात रही।
समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की मजबूती समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई कि नाविक बिना किसी भय के अपना कार्य कर सकें और व्यापारिक जहाज सुरक्षित रूप से संचालित हों।
भारत-अमेरिका संबंधों पर भी नजर
G7 सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। माना जा रहा है कि व्यापार, रक्षा सहयोग और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हो सकती है।





