पेटी पर सन्नाटा,72 लीटर पर शोर: क्या नशा मुक्त मुहिम में भरोसा जीतने की कवायद या दबाव की कार्रवाई?जनविरोध के बाद हरकत में पुलिस देहात थाने की कार्रवाई से उठे नए सवाल, सप्लाई नेटवर्क अब भी अंधेरे में

मैहर। रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत की नशा मुक्त समाज मुहिम के बीच मैहर पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दो दिन पहले 11 पेटी अवैध शराब पकड़ने की वायरल खबर पर चुप्पी साधे रखने के बाद अब देहात थाना पुलिस ने 72 लीटर शराब की कार्रवाई दिखाकर जवाब देने की कोशिश की है। लेकिन इस कार्रवाई ने जितने जवाब दिए हैं उससे कहीं ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन में देहात थाना पुलिस ने घेराबंदी कर MP-19-ML-1858 नंबर की मैजिक वाहन को पकड़ा। तलाशी के दौरान 8 कार्टून में भरी 72 लीटर अवैध शराब बरामद की गई जिसकी अनुमानित कीमत करीब 49 हजार रुपए बताई जा रही है। साथ ही करीब 5 लाख रुपए कीमत का वाहन भी जब्त किया गया।
मौके से राहुल चौरसिया (21) और सूरज चौरसिया (20) को गिरफ्तार किया गया जबकि आशीष चौरसिया फरार बताया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी शराब को बेचने के इरादे से मैहर ला रहे थे। फरार आरोपी पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी जस का तस खड़ा है दो दिन पहले 11 पेटी शराब की वायरल खबर पर पुलिस ने चुप्पी क्यों साधी? अगर वह कार्रवाई वास्तविक थी तो उसका आधिकारिक खुलासा क्यों नहीं किया गया? और यदि वह खबर गलत थी तो पुलिस ने उसका खंडन क्यों नहीं किया?
अब 72 लीटर शराब की बरामदगी को प्रमुखता से सामने लाया जा रहा है लेकिन शराब के स्रोत और नेटवर्क पर अब भी पर्दा पड़ा हुआ है। आखिर यह शराब कहां से आ रही है? किस सप्लाई चैन के जरिए यह जिले में पहुंच रही है? और इस पूरे खेल के पीछे कौन बड़े चेहरे सक्रिय हैं? इन सवालों के जवाब अब भी गायब हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस छोटे स्तर के आरोपियों को पकड़कर कार्रवाई का दावा जरूर करती है लेकिन असली खेल सप्लाई नेटवर्क में छिपा है। जब तक जड़ तक पहुंचकर नेटवर्क को नहीं तोड़ा जाएगा तब तक ऐसी कार्रवाई महज दिखावा बनकर रह जाएगी।
इधर यह भी चर्चा तेज है कि जनविरोध और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ही पुलिस एक्शन मोड में आई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह सख्ती स्थायी रूप से जारी रहेगी या फिर दबाव खत्म होते ही कार्रवाई भी धीमी पड़ जाएगी?
रीवा रेंज में आईजी लगातार नशा मुक्त समाज के लिए नए-नए प्रयोग और सख्त निर्देश दे रहे हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का असर कितना दिख रहा है यह मैहर की मौजूदा स्थिति से साफ झलकता है। जिले के अधिकारी इन निर्देशों को कितनी गंभीरता से लागू कर रहे हैं यह भी जांच का विषय बनता जा रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या मैहर पुलिस केवल कार्रवाई की सुर्खियों तक सीमित रहेगी या फिर सच में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए जड़ तक पहुंचेगी?






