माफिया छवि वाले चर्चित पटवारी अखंड सिंह पर गंभीर आरोप: जान से मारने की धमकी, गबन और फर्जीवाड़े के मामले में कार्रवाई का इंतजार

रीवा/सतना | रीवा और सतना के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर एक चर्चित पटवारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित व्यापारी अमित सिंह ने आरोप लगाया है कि चर्चित पटवारी अखंड सिंह सहित चार लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी पैसों के गबन और फर्जीवाड़े जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया। इन आरोपों की शिकायत रीवा जोन के उप पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कार्यालय में कई माह पहले की जा चुकी है लेकिन पीड़ित का दावा है कि लगभग पांच माह बीत जाने के बाद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित अमित सिंह ने अब एक वीडियो जारी कर सतना कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली सरकारी कर्मचारी होने के कारण आरोपी पटवारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है और लगातार मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर खतरा हो सकता है।
आखिर कौन बचा रहा है चर्चित पटवारी को?
मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा कौन है जो बार-बार शिकायतों के बावजूद आरोपी पटवारी को संरक्षण दे रहा है। यदि शिकायतें सही हैं तो इतने लंबे समय तक कार्रवाई न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यही कारण है कि अब जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली भी चर्चा के केंद्र में है।
रीवा जोन की पुलिसिंग पर उठे सवाल
फरियादी का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर रीवा जोन की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी पर इतने गंभीर आरोप लगते हैं तो निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होना आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आम जनता का विश्वास कानून व्यवस्था पर बना रहे।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा दबाव
अमित सिंह द्वारा जारी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या जिला प्रशासन अब मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच कराएगा या फिर मामला केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहेगा। लोगों की निगाहें अब सतना कलेक्टर और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
जनता पूछ रही है जवाब
क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि यदि एक सरकारी कर्मचारी पर जान से मारने की धमकी, गबन और फर्जीवाड़े जैसे आरोप लग रहे हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से यह भी स्पष्ट होना चाहिए, ताकि किसी निर्दोष की छवि प्रभावित न हो।
फिलहाल मामला जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा में है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सतना जिला प्रशासन वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा या यह मामला भी अन्य विवादित मामलों की तरह लंबी प्रक्रिया में उलझकर रह जाएगा।





