योग दिवस कार्यक्रम के बाद इंदौर स्कूल में हड़कंप, 100 से ज्यादा बच्चे बीमार

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उत्साह के बीच इंदौर के एक प्रतिष्ठित स्कूल से चिंताजनक खबर सामने आई है। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परोसे गए भोजन के बाद 100 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना ने अभिभावकों, प्रशासन और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
योग दिवस का आयोजन बना चिंता का कारण
शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। आयोजन के दौरान स्कूल की मेस द्वारा बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन घर लौटने के कुछ घंटों बाद कई बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, मतली और कमजोरी जैसी शिकायतें शुरू कर दीं।
स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती गई और अभिभावकों के फोन तथा ईमेल स्कूल प्रशासन तक पहुंचने लगे।
शिकायतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा
शुरुआत में करीब 35 बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली थी, लेकिन अगले कुछ घंटों में यह संख्या लगातार बढ़ती गई। स्कूल प्रबंधन के अनुसार अब तक 100 से अधिक बच्चों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आ चुकी है।
इस घटना ने अभिभावकों में डर और नाराजगी दोनों पैदा कर दिए हैं। कई परिवारों ने बच्चों को अस्पताल और निजी क्लीनिकों में दिखाया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
स्कूल परिसर में अभिभावकों का विरोध
बच्चों की तबीयत खराब होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और स्कूल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। कुछ समय के लिए स्कूल परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल भी बन गया।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने मेस का निरीक्षण किया और परोसे गए भोजन के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट तय करेगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि जांच में भोजन की गुणवत्ता में कमी या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर स्कूलों में खाद्य सुरक्षा मानकों और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती है।
इंदौर की यह घटना केवल एक स्कूल तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता से जुड़े बड़े सवाल खड़े करती है। अभिभावक अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि दोषियों की पहचान कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।





