जापानी पीएम सनाए ताकाइची जुलाई में गुवाहाटी आएंगी, पीएम मोदी से मुलाकात

भारत और जापान के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की संभावना है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अगले महीने भारत दौरे पर आ सकती हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा होगी, जिस पर दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों की नजरें टिकी हैं।
गुवाहाटी में होगी अहम मुलाकात
रिपोर्ट्स के अनुसार, सनाए ताकाइची 1 से 3 जुलाई के बीच असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंच सकती हैं। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे और पूर्वोत्तर भारत में सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा करेंगे।
ताकाइची के साथ करीब 50 प्रमुख जापानी उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल भी भारत आने की संभावना है।
एक्ट ईस्ट नीति पर रहेगा फोकस
गुवाहाटी को बैठक का केंद्र बनाए जाने के पीछे भी खास रणनीतिक कारण हैं। जापान लंबे समय से भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, पुल, शहरी विकास और कनेक्टिविटी परियोजनाओं में सहयोग कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा पूर्वोत्तर भारत को एशियाई आर्थिक नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
G7 के बाद बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता
हाल ही में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और सनाए ताकाइची की मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी जापान को भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही थी।
शिंजो आबे की विरासत को आगे बढ़ाने की उम्मीद
सनाए ताकाइची को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का करीबी माना जाता है। आबे भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
भारत को उम्मीद है कि ताकाइची भी आबे की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए रक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर मजबूत सहयोग जारी रखेंगी।
व्यापार और निवेश पर विशेष जोर
दौरे के दौरान जापानी कंपनियों के भारत में निवेश बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है। सुज़ुकी मोटर के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी सहित कई बड़े कारोबारी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की खबरें भी इस यात्रा के आर्थिक महत्व को दर्शाती हैं।
भारत और जापान दोनों ही सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं।
नई दिशा दे सकता है यह दौरा
सनाए ताकाइची की संभावित भारत यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि एशिया की दो प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच भविष्य की साझेदारी का रोडमैप भी तैयार कर सकती है। गुवाहाटी में होने वाली यह बैठक पूर्वोत्तर भारत के विकास, आर्थिक निवेश और क्षेत्रीय रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत-जापान संबंधों का अगला अध्याय अब गुवाहाटी से लिखे जाने की उम्मीद है।





