NEET परीक्षा में नकल की साजिश नाकाम, वॉशरूम में मोबाइल के साथ पकड़ा गया छात्र

देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित NEET 2026 री-एग्जाम के दौरान हैदराबाद से नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 18 वर्षीय एक अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन की मदद से उत्तर खोजते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपी ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही मोबाइल फोन को वॉशरूम में छिपाकर पूरी योजना तैयार की थी।
यह घटना हैदराबाद सिटी पुलिस के लिए भी हैरानी का विषय बनी हुई है, क्योंकि परीक्षा केंद्र पर कई स्तर की सुरक्षा जांच की गई थी।
सुबह से ही बना रखी थी पूरी योजना
पुलिस के अनुसार, अचंपेट निवासी छात्र सुबह करीब 7 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचा। उसने स्कूल परिसर के वॉशरूम के वेंटिलेटर में पहले से एक मोबाइल फोन छिपा दिया। बाद में उसने फोन को जिप-लॉक कवर में रखकर फ्लश टैंक के अंदर सुरक्षित छिपा दिया ताकि जांच के दौरान किसी को संदेह न हो।
आरोपी ने इस स्थान का चयन इसलिए किया क्योंकि वॉशरूम स्कूल भवन से अलग और अपेक्षाकृत सुनसान स्थान पर था।
पेट दर्द का बहाना बनाकर पहुंचा वॉशरूम
परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद छात्र ने पेट दर्द की शिकायत की और वॉशरूम जाने की अनुमति मांगी। इनविजिलेटर ने उसे जाने दिया, लेकिन काफी देर तक वापस न लौटने पर स्टाफ को उसकी जांच के लिए भेजा गया।
जब कर्मचारी वॉशरूम पहुंचे तो छात्र मोबाइल फोन पर इंटरनेट की मदद से उत्तर खोज रहा था। मौके पर ही उसे पकड़ लिया गया।
मोबाइल जब्त, जांच में हुआ बड़ा खुलासा
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि छात्र गूगल क्रोम के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर खोज रहा था। डिवाइस में इंस्टाग्राम के अलावा कोई अन्य विशेष एप्लिकेशन सक्रिय नहीं मिला।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पूरी योजना स्वीकार कर ली और बताया कि उसने परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से यह तरीका अपनाया था।
कई स्तर की सुरक्षा भी नहीं रोक सकी साजिश
दिलचस्प बात यह है कि परीक्षा केंद्र की दो बार गहन जांच की गई थी और प्रवेश द्वार पर सभी अभ्यर्थियों की सख्त तलाशी भी ली गई थी। इसके बावजूद फ्लश टैंक में छिपा मोबाइल शुरुआती जांच में पकड़ में नहीं आया। यह घटना परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक बड़ा सबक मानी जा रही है।
दर्ज हुआ आपराधिक मामला
स्कूल प्रशासन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ मानवीय सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।





