जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का नया दांव, PM मोदी से 15 अगस्त के भाषण में Gen Z पर बात करने की अपील

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अपने आंदोलन को नए चरण में ले जाने की तैयारी में है। पार्टी की कोर टीम की बैठक में आगामी रणनीति पर चर्चा हुई, जिसके बाद संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में युवाओं और Gen Z से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही, पार्टी ने देशभर में जनता से संवाद के लिए एक नए अभियान का भी ऐलान किया है।
कोर टीम की बैठक में बनी नई रणनीति
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP की कोर टीम की बैठक अभिजीत दीपके के आवास पर आयोजित हुई। बैठक में संगठन के अगले कदम, जनसंपर्क अभियान और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। पार्टी का कहना है कि अब वह सीधे लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं और सुझावों को समझने की कोशिश करेगी।
PM मोदी से की खास अपील
अभिजीत दीपके ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन देश के लिए महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अपील की कि इस बार का भाषण विशेष रूप से Gen Z और युवाओं पर केंद्रित हो। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि युवाओं के रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य को लेकर सरकार की क्या योजनाएं हैं।
दीपके ने लोगों से भी आग्रह किया कि वे अगले एक सप्ताह तक सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रधानमंत्री से यही मांग करें।
‘क्या बोलती है पब्लिक’ अभियान का ऐलान
CJP ने घोषणा की कि अगले महीने देशभर में ‘क्या बोलती है पब्लिक’ नाम से एक अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और शहरों में जाकर आम लोगों से सीधा संवाद करना और उनके मुद्दों को समझना होगा। पार्टी का दावा है कि इस पहल के जरिए जनता की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
सरकार पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आंदोलन की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में लोगों के मन में सरकार को लेकर जो डर था, वह अब कम हो रहा है। उनके अनुसार, अब लोग खुलकर अपनी मांगों और सवालों को सामने रख रहे हैं।
आगे क्या रहेगा फोकस?
CJP का नया अभियान यह संकेत देता है कि पार्टी अब केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनसंवाद के माध्यम से अपनी राजनीतिक और सामाजिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘क्या बोलती है पब्लिक’ अभियान को जनता से कितना समर्थन मिलता है और 15 अगस्त के संबोधन में युवाओं से जुड़े मुद्दों को कितना स्थान मिलता है।





