भारत बनाएगा 350 किमी/घंटा की स्वदेशी बुलेट ट्रेन, 2030 तक B35 तैयार करने की योजना

भारत हाई-स्पीड रेल तकनीक में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे मंत्रालय की योजना के मुताबिक 350 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी B35 ट्रेन विकसित की जाएगी। इसी बीच मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की लागत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है।
2030 तक B35 ट्रेन विकसित करने की तैयारी
रेलवे मंत्रालय ने 350 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे B35 नाम दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज के समान तकनीकी क्षमता वाली ट्रेन तैयार करना है।
इस दिशा में 350 किमी/घंटा डिजाइन स्पीड वाले Bharat High Speed Rail Programme के लिए डिजाइन कंसल्टेंसी का टेंडर भी जारी किया गया है। इसकी बोली प्रक्रिया सितंबर 2026 में आगे बढ़ी है।
पहले B28 ट्रेनें संभालेंगी जिम्मेदारी
B35 से पहले भारत में विकसित B28 हाई-स्पीड ट्रेनसेट मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर इस्तेमाल किए जाएंगे। B28 की डिजाइन स्पीड 280 किमी/घंटा है।
BEML को हाई-स्पीड रोलिंग स्टॉक की आपूर्ति और रखरखाव के लिए NHSRCL से 5,400 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने 18 सितंबर को इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को दी।
रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआती संचालन के लिए B28 ट्रेनसेट तैयार किए जा रहे हैं और मुंबई-अहमदाबाद परियोजना के पहले चरण में इनके इस्तेमाल की योजना है।
भारत विकसित करेगा अपना ट्रेन कंट्रोल सिस्टम
हाई-स्पीड ट्रेन के साथ भारत स्वदेशी Bharat Train Control System (BTCS) विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। ट्रेन कंट्रोल सिस्टम का काम ट्रेन की गति, ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी और संचालन सुरक्षा को नियंत्रित करना होता है।
इससे भारत को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। मंत्रालय की योजना भविष्य में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए एक मानकीकृत तकनीकी ढांचा तैयार करने की भी है।
मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट की लागत बढ़ी
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना करीब 508 किलोमीटर लंबी है। PIB के अनुसार, इसमें 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं और परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र तथा दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरती है।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, परियोजना की संशोधित लागत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। शुरुआती 2015 के अनुमान की तुलना में यह करीब दोगुनी है। लागत बढ़ने के पीछे जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेन और सिग्नलिंग सिस्टम की लागत में बढ़ोतरी प्रमुख कारण बताई गई है।
BEML को मिला 5,400 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर
18 सितंबर को BEML ने बताया कि NHSRCL ने उसे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए 5,400 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर दिया है। इसमें हाई-स्पीड रोलिंग स्टॉक की सप्लाई और रखरखाव से जुड़े काम शामिल हैं।
यह ऑर्डर भारत में हाई-स्पीड ट्रेन निर्माण की घरेलू क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जापान की E10 ट्रेन पर भी नजर
जापान मौजूदा E5 शिंकानसेन के बाद अगली पीढ़ी की E10 ट्रेन विकसित कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार E10 का उत्पादन 2030 में शुरू होने की संभावना है और इसके 2034 तक संचालन में आने की बात कही गई है। भारत भविष्य में ऐसी ट्रेनें उपलब्ध होने पर उनके इस्तेमाल की संभावना पर भी विचार कर रहा है।
भारत के लिए हाई-स्पीड रेल परियोजना अब सिर्फ मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने तक सीमित नहीं है। B28 से शुरुआत और B35 जैसी 350 किमी/घंटा ट्रेन विकसित करने की योजना देश में हाई-स्पीड रेल तकनीक का अपना इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है।





