NEET आंदोलन के 34वें दिन जंतर-मंतर पर हिंसा, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने

NEET परीक्षा विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में जारी आंदोलन के 34वें दिन बुधवार शाम हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। भीड़ बढ़ने के साथ स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की तथा पथराव किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच देर रात तक हंगामा चलता रहा। गुरुवार सुबह तक स्थिति सामान्य बताई गई, हालांकि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात रहे।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावे
दिल्ली पुलिस का कहना है कि भीड़ में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया, जिसमें दो एसीपी, दो इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, CJP नेता अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहरी अराजक तत्व भेजे गए हैं, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की। यह दावा CJP का है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ड्रोन से निगरानी, सुरक्षा और सख्त
घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पुलिस के अनुसार पिछले दो दिनों से इसी तरह तनाव की स्थिति बनी हुई है और लगातार इनपुट मिल रहे हैं कि शाम के समय भीड़ में कुछ बाहरी लोग शामिल हो रहे हैं।
अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमें एंटी-रायट गियर के साथ तैनात हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां भी दिल्ली पहुंच चुकी हैं, जिन्हें संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। इन बलों के पास एंटी-रायट उपकरण और स्टन शेल भी उपलब्ध रहेंगे। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।





