इनवर्टर का बैकअप अचानक हुआ कम? नई बैटरी खरीदने से पहले जरूर जांच लें ये 5 जरूरी बातें

बिजली कटते ही अगर आपका इनवर्टर पहले की तरह लंबे समय तक बैकअप नहीं दे रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। हर बार इसका कारण खराब बैटरी नहीं होता। कई बार छोटी-छोटी लापरवाहियां, बढ़ा हुआ लोड या समय पर रखरखाव न होने से भी बैकअप कम हो जाता है। कुछ आसान जांच करके आप बेवजह का खर्च और समय दोनों बचा सकते हैं।
सबसे पहले बैटरी का पानी और टर्मिनल जांचें
यदि आपके घर में फ्लडेड लेड-एसिड बैटरी वाला इनवर्टर लगा है, तो सबसे पहले बैटरी के इलेक्ट्रोलाइट (पानी) का स्तर जांचें। पानी कम होने पर बैटरी की क्षमता घटने लगती है और बैकअप कम मिलता है। जरूरत पड़ने पर केवल डिस्टिल्ड वॉटर का ही इस्तेमाल करें। साथ ही बैटरी के टर्मिनल पर जंग, सफेद या हरे रंग की परत और ढीले कनेक्शन भी जांचें। साफ और मजबूत कनेक्शन बेहतर बिजली प्रवाह सुनिश्चित करते हैं।
बढ़ा हुआ लोड भी कम कर सकता है बैकअप
समय के साथ कई लोग इनवर्टर पर नए उपकरण जोड़ देते हैं। पहले जहां केवल पंखे और लाइट चलते थे, वहीं अब टीवी, वाई-फाई राउटर, कंप्यूटर या अन्य गैजेट भी जुड़े रहते हैं। ऐसे में बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और बैकअप स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है। इसलिए हमेशा इनवर्टर की क्षमता के अनुसार ही लोड रखें।
बैटरी की उम्र का रखें ध्यान
इनवर्टर बैटरी की सामान्य उम्र लगभग 3 से 5 साल मानी जाती है, हालांकि यह उसके उपयोग और रखरखाव पर निर्भर करती है। पुरानी बैटरी पहले जैसी चार्ज स्टोर नहीं कर पाती और बिजली जाते ही जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है। यदि आपकी बैटरी कई साल पुरानी है, तो उसकी क्षमता की जांच करवाना बेहतर रहेगा।
चार्जिंग और सर्विसिंग को नजरअंदाज न करें
यह सुनिश्चित करें कि बिजली आने पर इनवर्टर बैटरी को सही तरीके से चार्ज कर रहा है। कई मॉडलों में बैटरी मोड और चार्जिंग सेटिंग होती है, जिसे कंपनी के निर्देशों के अनुसार रखना चाहिए। यदि इनवर्टर बार-बार ओवरलोड दिखाए, लगातार बीप करे या पूरी तरह चार्ज होने के बाद भी कुछ ही मिनटों में बैकअप खत्म हो जाए, तो यह तकनीकी खराबी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में अधिकृत सर्विस सेंटर या अनुभवी तकनीशियन से जांच कराना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
इन आसान उपायों से बढ़ेगी इनवर्टर की लाइफ
इनवर्टर और बैटरी को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखने के लिए केवल जरूरत के उपकरण ही चलाएं और ओवरलोडिंग से बचें। बैटरी के टर्मिनल नियमित रूप से साफ करें, ट्यूबलर बैटरी का पानी समय-समय पर जांचते रहें और इनवर्टर को हमेशा ठंडी व हवादार जगह पर रखें। नियमित रखरखाव न केवल बैकअप बढ़ाता है, बल्कि बैटरी की उम्र भी लंबी करता है।





