राष्ट्रीय

लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में अमित शाह का संदेश, युवाओं से बोले- ‘गीता रहस्य पढ़ें, जीवन की दिशा बदल जाएगी’

पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह केवल सम्मान का मंच नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रनिर्माण, युवा शक्ति और भारतीय विचारधारा पर एक महत्वपूर्ण संदेश का अवसर भी बना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं को लोकमान्य तिलक की पुस्तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ पढ़ने की सलाह देते हुए इसे जीवन का मार्गदर्शक बताया।

युवाओं के लिए गीता का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हर युवा को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के दृष्टिकोण से ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ पढ़नी चाहिए। उनके अनुसार यह ग्रंथ केवल धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सही निर्णय लेने और गलतियों से बचने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि गीता के सिद्धांत व्यक्ति के चरित्र और राष्ट्र दोनों को मजबूत बनाते हैं।

लोकमान्य तिलक की विरासत को किया याद

गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक की रचनाएं समय के साथ पुरानी नहीं होतीं, बल्कि हर पीढ़ी को नई प्रेरणा देती हैं। उन्होंने बताया कि तिलक ने सार्वजनिक गणेश उत्सव के माध्यम से समाज को एकजुट कर स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। उनका मानना था कि सांस्कृतिक चेतना ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है।

‘स्वराज’ के नारे ने बदला इतिहास

अमित शाह ने लोकमान्य तिलक के ऐतिहासिक नारे “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि इस विचार ने करोड़ों भारतीयों में आत्मविश्वास जगाया और स्वतंत्रता की लड़ाई को नई ऊर्जा दी। आज भी यह विचार राष्ट्रहित और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है।

अजीत डोभाल को मिला राष्ट्रीय सम्मान

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। अमित शाह ने कहा कि डोभाल की रणनीतिक सोच और राष्ट्र सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लोकमान्य तिलक की निर्भीक राष्ट्रवादी विचारधारा से मेल खाती है। उन्होंने भारत की सुरक्षा और विदेश नीति को मजबूत बनाने में डोभाल की भूमिका की भी सराहना की।

भारत की विदेश नीति पर भी बोले शाह

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अजीत डोभाल की रणनीति ने भारत की विदेश नीति को नई मजबूती दी है। उनके अनुसार आज वैश्विक मंच पर भारत पहले से अधिक प्रभावशाली और आत्मविश्वास से भरा देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की भावना को प्रेरित करने वाले प्रतीक हैं।

पुणे का यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण, कर्तव्य और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रेरक संदेश लेकर आया। अमित शाह का आह्वान इस बात की याद दिलाता है कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि जागरूक और संस्कारित युवाओं से होता है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from Media Auditor

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue Reading

%d