चीनी के दाम पर गरमाई राजनीति, कैलाश विजयवर्गीय बोले- महंगी हो जाए तो भी अच्छा है

चीनी के बढ़ते दामों के बीच कैलाश विजयवर्गीय का बयान चर्चा में है। मंत्री ने कहा कि चीनी और महंगी हो जाए तो अच्छा है, जबकि बच्चों के लिए सस्ती उपलब्धता की बात कही। उन्होंने 40 साल के बाद चीनी से दूरी और गुड़ को बेहतर विकल्प बताया।
बढ़ती कीमतों पर मंत्री का अलग तर्क
देश में चीनी की कीमतों को लेकर बहस के बीच मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी चर्चा को और तेज कर दिया। इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चीनी के दाम और बढ़ जाएं तो अच्छा है। हालांकि, उन्होंने बच्चों के लिए इसे नियंत्रित कीमत पर उपलब्ध कराने की बात भी कही।
विजयवर्गीय ने बताया कि हाल में चीनी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थी, लेकिन अब कीमत घटकर लगभग 60 रुपये किलो हो गई है।
‘40 के बाद शक्कर से बचें’
चीनी के सेवन पर अपनी राय रखते हुए मंत्री ने कहा कि 40 साल की उम्र के बाद शक्कर खाना डॉक्टर अच्छा नहीं मानते। उन्होंने आयुर्वेद का हवाला देते हुए भी चीनी से बचने की सलाह दी।
उनका कहना था कि मीठा खाने की इच्छा हो तो चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है। विजयवर्गीय ने दावा किया कि आजकल बड़ी संख्या में लोग मीठा खाने से बचते हैं और उन्होंने खुद भी चीनी नहीं खाने की बात कही।
बच्चों के लिए सस्ती चीनी की बात
मंत्री के बयान में हालांकि एक महत्वपूर्ण अंतर भी नजर आया। उन्होंने कहा कि चीनी महंगी हो जाए, लेकिन बच्चों के लिए यह नियंत्रित और सस्ती कीमत पर उपलब्ध होनी चाहिए। यानी उनकी टिप्पणी को केवल बढ़ती कीमतों के समर्थन के तौर पर देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी।
फिर भी, ऐसे समय में जब चीनी की कीमत सीधे घरेलू बजट और मिठाई कारोबार को प्रभावित करती है, उनका बयान राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
कीचड़ में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी तंज
इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क पर कीचड़ में बैठकर प्रदर्शन किए जाने पर भी विजयवर्गीय ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि हर बार गंदगी में बैठना जरूरी नहीं है। अगर सड़क अच्छी बनी है तो वहां जाकर उसका आनंद लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खराब सड़क है तो उसे ठीक कराया जाएगा। इस दौरान मंत्री ने इंदौर में बनी बेहतर सड़कों का उल्लेख करते हुए विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर सवाल उठाया।
रक्षाबंधन कार्यक्रम में पहुंचे थे मंत्री
विजयवर्गीय इंदौर के परदेशीपुरा स्थित आस्था वृद्ध सेवा आश्रम में ‘आओ मनाएं रक्षाबंधन अपनों के संग’ कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने बुजुर्गों, दिव्यांग बच्चों और आश्रम की महिलाओं के साथ रक्षाबंधन मनाया।
इसी कार्यक्रम के बाद मीडिया ने उनसे चीनी की कीमतों और कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे। जवाब में दिए गए उनके बयानों ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया।
बयान से आगे बढ़ी बहस
चीनी की कीमतों पर विजयवर्गीय की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब महंगाई को लेकर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। मंत्री ने इसे स्वास्थ्य और खान-पान से जोड़कर अपना तर्क रखा, लेकिन सवाल यह है कि बढ़ती कीमतों का असर आम परिवारों पर कैसे पड़ता है।
महंगाई के दौर में किसी खाद्य वस्तु की कीमत सिर्फ बाजार का आंकड़ा नहीं होती, वह सीधे घर की रसोई और परिवार के बजट से जुड़ी होती है।





