सोनम वांगचुक की सेहत पर अस्पताल का बड़ा अपडेट, हालत स्थिर लेकिन डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में इलाज जारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर सफदरजंग अस्पताल ने नया मेडिकल बुलेटिन जारी किया है। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक चले उपवास के कारण उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल ने बताया कि उनके कुछ ब्लड पैरामीटर में बदलाव दर्ज किए गए हैं, इसलिए लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।
अस्पताल ने क्या कहा?
सफदरजंग अस्पताल और VMMC (वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज) द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन में कहा गया है कि सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनके वाइटल पैरामीटर (Vital Parameters) फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि, लंबे उपवास के कारण शरीर पर पड़े प्रभाव को देखते हुए उनके ब्लड पैरामीटर और अन्य क्लिनिकल संकेतकों की लगातार जांच की जा रही है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही निगरानी
अस्पताल ने बताया कि VMMC-सफदरजंग अस्पताल और AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक (Multi-Disciplinary) टीम वांगचुक की 24 घंटे निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी संभावित जटिलता (Complication) का समय रहते पता लगाने और तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के लिए निरंतर क्लिनिकल मॉनिटरिंग आवश्यक है।
20 दिन से अधिक समय तक अनशन पर थे वांगचुक
सोनम वांगचुक करीब 20 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए शनिवार को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। पुलिस ने इस कार्रवाई के पीछे उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। इस दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
समर्थकों का विरोध और नई भूख हड़ताल का ऐलान
वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर कथित दुर्व्यवहार के आरोप लगाए और इस कार्रवाई का विरोध किया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है, लेकिन लंबे अनशन के कारण डॉक्टर उन्हें लगातार निगरानी में रखे हुए हैं। अस्पताल का कहना है कि उनकी चिकित्सा जरूरतों के अनुसार उपचार जारी है और स्वास्थ्य संबंधी सभी महत्वपूर्ण मानकों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।





