WhatsApp Username फीचर पर सरकार सख्त, कंपनी ने नोटिस का जवाब सौंपा

WhatsApp के प्रस्तावित Username फीचर को लेकर चल रहे विवाद के बीच कंपनी ने केंद्र सरकार के नोटिस का जवाब सौंप दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार अब इस जवाब की समीक्षा कर रही है। पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने WhatsApp को नोटिस जारी कर यूजरनेम फीचर से जुड़े कई सवाल पूछे थे और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते इसके लॉन्च पर फिलहाल रोक लगाने का निर्देश दिया था।
क्या है WhatsApp का Username फीचर?
WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसा फीचर लाने की तैयारी कर रहा था, जिससे यूजर्स मोबाइल नंबर की जगह एक यूनिक Username के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकें। इस फीचर के तहत यूजर अपना मोबाइल नंबर छिपाकर केवल यूजरनेम के माध्यम से चैट कर सकते। यह सुविधा इंस्टाग्राम और फेसबुक की तरह काम करती। कंपनी ने कुछ यूजर्स को यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प भी देना शुरू कर दिया था, लेकिन सरकारी हस्तक्षेप के बाद इस फीचर की लॉन्चिंग रोक दी गई।
सरकार की चिंता क्या है?
सरकार को आशंका है कि Username फीचर का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी फर्जी पहचान बनाकर लोगों को आसानी से ठग सकते हैं। कई यूजर्स ने शिकायत की थी कि वे अपने नाम से Username सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं और कोई दूसरा व्यक्ति उनकी पहचान से मिलता-जुलता Username बना सकता है। सरकार का मानना है कि इससे बैंक, सरकारी विभाग या प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम से मिलते-जुलते अकाउंट बनाकर साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि WhatsApp का कहना है कि उसने ऐसे दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय तैयार किए हैं।
Telegram और Signal से भी मांगा गया जवाब
WhatsApp के अलावा केंद्र सरकार ने Telegram और Signal को भी नोटिस भेजा है, क्योंकि इन दोनों प्लेटफॉर्म पर Username फीचर पहले से उपलब्ध है। सरकार ने इन कंपनियों से पूछा है कि Username जारी करने की प्रक्रिया क्या है और फर्जी या मिलते-जुलते Username को रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, दोनों कंपनियों को जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है और उनके जवाब जल्द मिलने की उम्मीद है।





