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करीब दो महीने बाद दौड़ी जिंदगी की रफ्तार, रतहरा-चोरहटा मार्ग का बीहर पुल पूरी तरह चालू MPRDC, पुलिस और प्रशासन की सक्रियता लाई रंग, शहरवासियों ने ली राहत की सांस

रीवा। लंबे इंतजार भारी परेशानियों और यातायात संकट के बाद आखिरकार रीवा शहरवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। रतहरा-चोरहटा मार्ग पर स्थित बीहर नदी का क्षतिग्रस्त पुल शुक्रवार 5 जून से पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया गया है। लगभग दो महीने तक बंद रहने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है जिससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौटने लगी है। पुल में दरार और धंसाव सामने आने के बाद सुरक्षा कारणों से इसे बंद किया गया था तथा व्यापक मरम्मत और तकनीकी परीक्षणों के बाद अब इसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित करते हुए चालू कर दिया गया है।

बीहर नदी का यह पुल रीवा शहर के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में से एक माना जाता है। इस मार्ग के बंद होने से न केवल शहर के भीतर बल्कि प्रयागराज, वाराणसी और अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। वैकल्पिक मार्गों पर बढ़े दबाव के कारण घंटों जाम ईंधन की अतिरिक्त खपत और लोगों के समय की बर्बादी आम बात बन गई थी। कई स्थानों पर सड़कें भी अतिरिक्त भार के कारण प्रभावित होने लगी थीं।

जानकारी के अनुसार पुल की मरम्मत का कार्य पिछले कई सप्ताह से युद्धस्तर पर चल रहा था। विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में माइक्रो कंक्रीटिंग, एपॉक्सी ग्राउटिंग, ग्राइंडिंग तथा अन्य तकनीकी सुधार कार्य किए गए। इसके बाद पुल की मजबूती और सुरक्षा का परीक्षण किया गया। पहले चरण में दोपहिया वाहनों को अनुमति दी गई थी और सफल परीक्षण के बाद अब सभी प्रकार के वाहनों के लिए मार्ग खोल दिया गया है।

इस पूरी प्रक्रिया में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) जिला प्रशासन और रीवा पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुल बंद होने के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी जिसे प्रशासनिक टीमों ने लगातार निगरानी कर संभाला। पुलिस बल ने विभिन्न चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट पर तैनात रहकर यातायात संचालन को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जबकि MPRDC के तकनीकी अधिकारियों ने मरम्मत कार्य को निर्धारित समय में पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई।

पुल खुलने के साथ ही आसपास के व्यापारियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले दो महीनों में उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ गई थीं। अब मार्ग चालू होने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी तथा शहर की आंतरिक यातायात व्यवस्था पर भी दबाव कम होगा।

गौरतलब है कि अप्रैल माह में पुल में दरार और संरचनात्मक कमजोरी सामने आने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक मरम्मत अभियान शुरू किया गया था। अब परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुल दोबारा पूरी क्षमता के साथ संचालित होने लगा है।

शहरवासियों को उम्मीद है कि भविष्य में भी पुल और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की नियमित निगरानी होती रहेगी ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। फिलहाल रतहरा-चोरहटा मार्ग पर यातायात बहाल होने से पूरे रीवा शहर ने राहत की सांस ली है और करीब दो महीने बाद जिंदगी की रफ्तार फिर से सामान्य होती दिखाई दे रही है।

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