ऑपरेशन से पहले चीखती रही युवती डॉक्टर मुझे मार देंगे, मुझे बचा लो, परिजनों का आरोप; ऑपरेशन के बाद मां और नवजात की मौत से उठे गंभीर सवाल

रीवा। गांधी स्मारक चिकित्सालय (SGMH), रीवा में प्रसव के दौरान कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला गंभीर सवालों के घेरे में है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और सामने आए वीडियो के आधार पर मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की जांच की मांग तेज हो गई है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले युवती बेहद घबराई हुई थी और कथित तौर पर चिल्लाते हुए कह रही थी डॉक्टर मुझे मार देंगे मुझे बचा लो।
परिजनों के मुताबिकऑपरेशन से पहले युवती कुछ समय के लिए बाहर आई और परिजनों से मिली। परिजनों का कहना है कि उस समय उसने अपनी परेशानी और डर को लेकर उन्हें जानकारी दी। इसके बाद उसे दोबारा ऑपरेशन रूम की ओर भेज दिया गया। परिवार का आरोप है कि इसके बाद परिस्थितियां बिगड़ती चली गईं और आखिरकार मां तथा नवजात दोनों की मौत हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर परिजनों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि मरीज की हालत इतनी गंभीर थी तो उपचार के दौरान उन्हें स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई और ब्लड की व्यवस्था को लेकर बार-बार असमंजस की स्थिति क्यों बनाई गई।
ब्लड लाने को कहा परिजन दौड़कर पहुंचे
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से ब्लड की आवश्यकता बताई गई। इसके बाद परिजन तत्काल ब्लड की व्यवस्था करने के लिए दौड़े और ब्लड लेकर अस्पताल पहुंचे। उनके अनुसार ब्लड अस्पताल में उपलब्ध भी कराया गया लेकिन इसके बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज की जान बचाने की कोशिशों के बजाय उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। डॉक्टर एवं संबंधित नर्स पर गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। परिजनों ने पूरे मामले में संबंधित चिकित्सकीय स्टाफ की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है
वीडियो में अस्पताल का घटनाक्रम, डॉक्टर से भी हुई बातचीत
मीडिया को उपलब्ध कराए गए दोनों वीडियो में अस्पताल परिसर के अंदर का घटनाक्रम दिखाई देता है। एक वीडियो में अस्पताल के अंदर महिला, परिजनों और स्टाफ के बीच स्थिति दिखाई दे रही है जबकि दूसरे वीडियो में चिकित्सकीय स्टाफ से बातचीत होती नजर आती है। वीडियो के आधार पर परिजन अपने आरोपों की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले मामले में परिजनों ने पुलिस को दिए आवेदन में डॉक्टर सोनल अग्रवाल एवं संबंधित नर्स के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ FIR दर्ज कराने की मांग की थी। वहीं मीडिया कर्मी द्वारा ऑन-ड्यूटी डॉक्टर से डॉक्टर सोनल अग्रवाल के संबंध में पूछे जाने पर कथित तौर पर बताया गया था कि जब सोनल अग्रवाल की जरूरत होती है तब वह आती हैं और ऑपरेशन के बाद चली जाती हैं। जब मीडिया कर्मी ने उनसे मिलने की बात कही तो ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा कि जब जरूरत होती है तब आती हैं अभी नहीं है।बताया गया कि उनकी ड्यूटी रात 8 बजे तक है।





