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रीवा की फोरलेन बनी मौत का कॉरिडोर: बिना फिटनेस दौड़ते KCC के ट्रक, हादसे के बाद दलालों का पैसा खेल प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में निर्माणाधीन फोरलेन सड़क अब विकास की मिसाल नहीं बल्कि मौत का कॉरिडोर बनती जा रही है। रतहरा से चोरहटा तक चल रहे इस प्रोजेक्ट में कार्यरत KCC कंपनी पर एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। आरोप है कि कंपनी के भारी वाहन बिना फिटनेस के ही सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं जिससे आम लोगों की जान हर पल जोखिम में है।

ताजा मामला शहर के बोदा बाग क्षेत्र का है जहां एक राहगीर KCC कंपनी के तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गया। चश्मदीदों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और राह चलते व्यक्ति को कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए।

घटना के बाद जो तस्वीर सामने आई उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जैसे ही पीड़ित पक्ष शिकायत दर्ज कराने पहुंचा कंपनी से जुड़े कथित दलाल सक्रिय हो गए। उन्होंने मामले को दबाने के लिए पीड़ित को पैसों का ऑफर दिया और समझौते का दबाव बनाया। सूत्रों की मानें तो सेटलमेंट के जरिए मामला रफा-दफा करने की कोशिश की गई जिससे न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन वाहनों से खनिज और निर्माण सामग्री का परिवहन किया जा रहा है उनमें से कई के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट तक नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर परिवहन विभाग और जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे हैं? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन वाहनों के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं है। जो भी व्यक्ति विरोध करता है उसे या तो धमकाकर चुप करा दिया जाता है या फिर पैसों के दम पर मामला दबा दिया जाता है। यही कारण है कि लगातार शिकायतों के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

गौरतलब है कि KCC कंपनी पहले भी घटिया निर्माण धूल प्रदूषण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर विवादों में रह चुकी है। लेकिन हर बार जांच और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई जिससे कंपनी के हौसले और बुलंद होते गए।

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या आम नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं बची? अगर बिना फिटनेस के दौड़ते इन मौत के वाहनों पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में और भी दर्दनाक घटनाएं सामने आ सकती हैं।

रीवा की सड़कों पर दौड़ते ये बेकाबू ट्रक अब सिर्फ ट्रैफिक का हिस्सा नहीं बल्कि हर गुजरते इंसान के लिए खतरे की घंटी बन चुके हैं। जरूरत है सख्त कार्रवाई की ताकि विकास के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ बंद हो सके।

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