छत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ के गांव में रहस्यमयी मौतें, जहरीली शराब का शक गहराया

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के खर्वे गांव में बीते कुछ महीनों के दौरान हुई आठ संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये सामान्य मौतें नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला हो सकता है। मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस को ज्ञापन सौंपा। गांव में फैली चर्चाओं और आरोपों ने प्रशासन को भी गंभीर जांच के लिए मजबूर कर दिया है।

सोने के घड़े और तांत्रिक बलि की चर्चा

ग्रामीणों का दावा है कि गांव के एक किराना व्यापारी को कथित रूप से किसी तांत्रिक ने यह विश्वास दिलाया था कि नदी किनारे जमीन में सोने से भरा घड़ा दबा हुआ है। आरोप है कि खजाना प्राप्त करने के लिए उसे 21 लोगों की बलि देने की सलाह दी गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक फरवरी से मई 2026 के बीच हुई आठ मौतें इसी कथित अंधविश्वास से जुड़ी हो सकती हैं। आरोप यह भी है कि लोगों को घर बुलाकर शराब और भोजन में जहरीला पदार्थ मिलाकर दिया जाता था, जबकि आरोपी खुद उस शराब का सेवन नहीं करता था।

युवक के बचने के बाद खुला मामला

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव का युवक कार्तिक कुमार कथित तौर पर जहरीली शराब पीने के बावजूद बच गया। कार्तिक ने बताया कि शराब का स्वाद बेहद कड़वा था और सेवन के कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां वह कई दिनों तक वेंटिलेटर पर भर्ती रहा। स्वस्थ होने के बाद उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ग्रामीणों और पुलिस को दी। इसी बयान के बाद पूरे मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया।

कब्र से निकाले गए शव, वैज्ञानिक जांच जारी

ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, प्रशासन और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम गांव पहुंची। संदिग्ध मौतों की सच्चाई जानने के लिए मृतकों के शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए भेजे गए हैं। अब तक सात शवों को मेडिको-लीगल, हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा परीक्षण के लिए रायपुर भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां मौतों के पीछे किसी जहरीले पदार्थ या अन्य आपराधिक साजिश की संभावना तलाश रही हैं।

पुलिस हिरासत में संदिग्ध, रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने संदेह के आधार पर एक किराना कारोबारी और उसके कुछ परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि आरोपी पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पूरा गांव दहशत और अनिश्चितता के माहौल में है और लोग जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

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