राजनीतिक

पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बढ़ी कार्रवाई, गिरफ्तारी के बाद भड़का जनाक्रोश

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बड़ा बवाल देखने को मिल रहा है। विभिन्न जांच एजेंसियां कथित घोटालों से जुड़े मामलों की जांच में तेजी से जुटी हुई हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्य सचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले स्वपन कुमार नंदी की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। केरल से गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उन्हें हुगली जिले के आरामबाग लेकर पहुंची तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़कों पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने नंदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उन्हें कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बताते हुए विरोध जताया। इस घटना ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

पुलिस सुरक्षा के बीच विरोध, अंडे और कालिख से किया गया हमला

गिरफ्तारी के बाद हुगली ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम स्वपन कुमार नंदी को गौराहटी क्रॉसिंग से पैदल आरामबाग थाने लेकर जा रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोगों ने नंदी पर अंडे फेंके और चोर-चोर के नारे लगाए। कुछ लोगों ने उनके चेहरे पर कालिख भी फेंकी जबकि धक्का-मुक्की के दौरान उनकी शर्ट भी फट गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिसकर्मियों को उन्हें तेजी से थाने की ओर ले जाना पड़ा। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी लगातार उनके पीछे चलते रहे और अपना विरोध दर्ज कराते रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

कौन हैं स्वपन कुमार नंदी और क्या हैं उन पर आरोप

स्वपन कुमार नंदी लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। उन पर आरामबाग नगरपालिका की ग्रीन सिटी परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। वर्ष 2017 में शुरू हुई इस योजना के तहत 44 स्कूलों में सोलर सिस्टम लगाने का प्रस्ताव था। आरोप है कि परियोजना के लिए जारी धनराशि का पूरा उपयोग नहीं हुआ और फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन के गबन की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में लगभग 7.24 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए नंदी ने अपना हुलिया भी बदल लिया था और मूंछ तक मुंडवा ली थी। हालांकि पुलिस ने उन्हें केरल में ढूंढ निकाला और हिरासत में ले लिया। अब जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।

कट मनी और घोटालों पर बढ़ता दबाव, जनता का बदलता रुख

बंगाल में हाल के दिनों में कथित कट मनी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर कार्रवाई तेज होने के दावे किए जा रहे हैं। कई इलाकों में ऐसे आरोप सामने आए हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की गई। फालता क्षेत्र के देवीपुर में भी एक स्थानीय नेता पर हाउसिंग योजना के लाभार्थियों से कथित कट मनी लेने के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि जांच और कार्रवाई के बढ़ते दबाव के कारण अब कुछ लोगों द्वारा रकम लौटाने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई और मामलों की जांच तेज हो सकती है। दूसरी ओर जनता का गुस्सा भी लगातार सामने आ रहा है। यही वजह है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नेताओं के खिलाफ सड़क पर विरोध प्रदर्शन बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलावों की भूमिका भी तैयार कर सकता है।

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