जेल से बाहर आते ही रौशन आनंद का बड़ा हमला, खान सर पर लगाए गंभीर आरोप

पटना के चर्चित कोचिंग विवाद ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। जेल से बाहर आते ही ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं उनके भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
जमानत के बाद जेल से बाहर आए रौशन आनंद
मुसल्लहपुर हाट में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज को लेकर 2 जून को हुए विवाद के बाद गिरफ्तार किए गए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद सोमवार को जमानत मिलने के बाद बेउर जेल से बाहर आए। जेल से निकलते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कई गंभीर आरोप लगाए।
भाई की मौत को बताया साजिश
रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उनका कहना था कि जब तक वे बाहर थे तब तक उनके भाई को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन उनके जेल जाने के बाद ही यह घटना हुई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और नार्को टेस्ट की भी मांग की।
खान सर पर लगाए गंभीर आरोप
रौशन आनंद ने खान सर उर्फ फैजल खान पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच एजेंसियां अपने स्तर पर मामले की पड़ताल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और सरकार पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि सच सामने आएगा।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
रौशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि उन्हें बहुत कम समय में गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अन्य आरोपितों के खिलाफ वैसी तेजी नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण कुछ व्यक्तियों को प्राप्त है। हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नेपाल में हुई प्रिंस यादव की मौत
प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। इस मामले में नेपाल पुलिस ने उनके साथ मौजूद कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका शव सहरसा लाया गया।
बढ़ता जा रहा है विवाद
कोचिंग संस्थानों के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी और राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ आरोप और प्रत्यारोप जारी हैं तो दूसरी तरफ प्रिंस यादव की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेगी। फिलहाल बिहार की राजनीति और शिक्षा जगत में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।





