MP में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से मोदी के जन्मदिन पर वीडियो बनवाने का दावा, सौरव दास ने उठाए सवाल

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के बीच मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर एक दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में आरोप लगाया गया कि कुछ कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में शामिल होने, दीया जलाने और सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने 16 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने एक महिला की बेटी से मिले कथित संदेश का हवाला देते हुए दावा किया कि मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने के लिए जुटने और सरकार की योजनाओं की प्रशंसा करते हुए वीडियो बनाने के लिए कहा गया।
कार्रवाई की धमकी का भी दावा
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। हालांकि, सामने आई रिपोर्ट में ऐसे किसी आधिकारिक आदेश, विभागीय पत्र या संबंधित प्रशासनिक अधिकारी की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल यह मामला एक सोशल मीडिया दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का मुद्दा
सौरव दास ने अपने पोस्ट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कथित समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने कम मानदेय, अधिक काम का बोझ, कर्मचारियों की कमी, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा जर्जर आंगनवाड़ी केंद्रों जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। ये दावे उनके पोस्ट का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की जरूरत है।
सरकारी योजनाओं की तारीफ पर सवाल
दास ने सवाल उठाया कि यदि किसी सरकारी योजना से कर्मचारियों को वास्तविक लाभ मिलता है, तो उसके प्रति सम्मान और आभार स्वाभाविक रूप से सामने आ सकता है। उनके अनुसार, किसी कर्मचारी से प्रशंसा का वीडियो बनवाने का कथित निर्देश सरकारी प्रचार और कर्मचारियों की भूमिका के बीच सवाल खड़े करता है। यह उनका राजनीतिक और सार्वजनिक टिप्पणी के रूप में व्यक्त किया गया मत है।
अब आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार
इस पूरे विवाद का महत्वपूर्ण पहलू यही है कि आरोप सोशल मीडिया पोस्ट और कथित संदेश पर आधारित हैं। अभी तक उपलब्ध रिपोर्ट में मध्य प्रदेश सरकार या महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इस विशेष आरोप पर आधिकारिक स्पष्टीकरण दर्ज नहीं है। इसलिए यह देखना अहम होगा कि क्या कोई लिखित आदेश सामने आता है या संबंधित विभाग इन दावों पर प्रतिक्रिया देता है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों तथा माताओं से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों के जमीनी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके नाम पर सामने आए किसी भी निर्देश की सच्चाई दस्तावेज और आधिकारिक प्रतिक्रिया से स्पष्ट होना जरूरी है। फिलहाल इस मामले में दावा और तथ्य के बीच अंतर बनाए रखना ही सबसे महत्वपूर्ण है।





