सुसनेर में दूध विक्रेताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 100 रुपये लीटर की मांग

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के सुसनेर में दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कई डेयरियां बंद हैं और सप्लाई प्रभावित होने लगी है। विरोध के दौरान पिकअप वाहनों को रोककर सड़क पर दूध बहाने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं।
दूध के दाम बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन
सुसनेर क्षेत्र में दूध विक्रेताओं ने मौजूदा कीमतों को लेकर विरोध शुरू कर दिया है। दूध विक्रेताओं का कहना है कि वर्तमान भाव में दूध का कारोबार करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
इसी मांग को लेकर विक्रेताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल के कारण सुसनेर सहित आगर-मालवा के ग्रामीण इलाकों में दूध की सप्लाई पर असर पड़ना शुरू हो गया है।
100 रुपये प्रति लीटर दूध की मांग
दूध विक्रेताओं की प्रमुख मांग है कि दूध का भाव बढ़ाकर 100 रुपये प्रति लीटर किया जाए। इसके अलावा वे दूध के फैट का दाम बढ़ाकर 12 रुपये करने की मांग कर रहे हैं।
विक्रेताओं का कहना है कि उत्पादन और कारोबार से जुड़ी लागत बढ़ने के कारण मौजूदा कीमतों पर काम करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से वे नई दर लागू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
कई डेयरियां बंद, सप्लाई पर असर
हड़ताल शुरू होने के बाद सुसनेर क्षेत्र की कई डेयरियां बंद बताई जा रही हैं। ग्रामीण इलाकों से शहर की ओर आने वाली दूध की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
यदि हड़ताल लंबी चलती है, तो इसका असर स्थानीय दुकानों, डेयरियों, होटल और रोजाना दूध पर निर्भर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दूध विक्रेता अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखने की बात कह रहे हैं।
पिकअप वाहन रोककर सड़क पर बहाया दूध
हड़ताल के दौरान विरोध का तरीका भी चर्चा में है। ग्रामीण इलाकों से सुसनेर की ओर दूध लेकर आ रहे पिकअप वाहनों और दूध विक्रेताओं को रोककर दूध सड़क पर बहाने के वीडियो सामने आए हैं।
वीडियो में सड़क पर बड़ी मात्रा में दूध बहता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह कदम दूध की मौजूदा कीमतों के विरोध के तौर पर उठाया गया।
होटल से पैकेट दूध भी सड़क पर बहाया
सुसनेर में एक होटल से पैकेट और अन्य दूध भी प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क पर बहाए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस तरह के विरोध के बीच दूध की बर्बादी का मुद्दा भी सामने आया है। वहीं, दूध विक्रेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर संबंधित पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रशासन और संबंधित पक्षों के फैसले पर नजर
अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण अब स्थानीय स्तर पर दूध की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। दूध विक्रेता 100 रुपये प्रति लीटर की दर और 12 रुपये फैट के दाम की मांग कर रहे हैं।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन और दूध कारोबार से जुड़े संबंधित पक्ष इस मांग को लेकर क्या कदम उठाते हैं और हड़ताल समाप्त कराने के लिए बातचीत की कोई पहल होती है या नहीं।
सुसनेर में दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल से स्थानीय दूध सप्लाई प्रभावित होने लगी है। विक्रेता 100 रुपये प्रति लीटर भाव और 12 रुपये फैट की मांग कर रहे हैं। वहीं, विरोध के दौरान सड़क पर दूध बहाने की घटनाओं ने इस आंदोलन को चर्चा में ला दिया है। अब आगे की स्थिति प्रशासन और संबंधित पक्षों की बातचीत पर निर्भर करेगी।





