लॉक अप 2 से बाहर आते ही छलका आकांक्षा चौधरी का दर्द, बोलीं- मेरा गुस्सा ही सबसे बड़ी कमजोरी बना

रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ से एलिमिनेट होने के बाद आकांक्षा चौधरी मीडिया के सामने आईं और अपने पूरे सफर पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि वह शो की ट्रॉफी नहीं जीत सकीं और अपने प्रशंसकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाईं। बातचीत के दौरान उन्होंने शो के अन्य प्रतियोगियों श्रेया कालरा और सुजैन का भी जिक्र किया।
गुस्से को बताया सबसे बड़ी कमजोरी
आकांक्षा ने स्वीकार किया कि बचपन से ही उन्हें गुस्से की समस्या रही है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक उन्होंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन बाद में वह खुद पर नियंत्रण नहीं रख सकीं। उनके मुताबिक, जब कोई उनसे बहस करता है तो वह बहुत ज्यादा भावुक और गुस्से में आ जाती हैं, जिससे कई बार उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
स्प्लिट्सविला के अनुभव का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान आकांक्षा ने अपने पिछले रियलिटी शो स्प्लिट्सविला का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां हुए एक विवाद के दौरान भी उन्हें गुस्सा आया था, लेकिन उन्होंने किसी के साथ हिंसक व्यवहार नहीं किया। उनके अनुसार, वह केवल अपने अंदर का गुस्सा बाहर निकालना चाहती थीं, क्योंकि लगातार गुस्सा दबाकर रखना उनके लिए मुश्किल हो जाता था।
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लॉक अप 2 में भी पड़ा असर
आकांक्षा ने बताया कि ‘लॉक अप 2’ में भी उनका गुस्सा कई बार उनके खेल पर भारी पड़ा। उन्होंने कहा कि सीक्रेट रूम से वापस आने के बाद उन्होंने खुद को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन दर्शकों ने इसे अलग नजरिए से देखा। उनका मानना है कि उनके व्यवहार को लेकर कई तरह की धारणाएं बनाई गईं, जिससे उनके गेम की अलग छवि बनी।
गुस्से के कारण मिली थी सजा
शो के दौरान आकांक्षा चौधरी अपने आक्रामक रवैये और कई प्रतियोगियों के साथ हुई बहस को लेकर चर्चा में रहीं। गुस्से के कारण उन्हें शो में सजा भी मिली थी। टास्क के दौरान भी उनका तीखा रवैया कई बार देखने को मिला। उन्होंने माना कि यदि वह अपने गुस्से पर बेहतर नियंत्रण रख पातीं, तो शायद उनका सफर और लंबा हो सकता था।
आकांक्षा चौधरी का बयान यह दिखाता है कि उन्होंने अपनी कमियों को स्वीकार किया है और उनसे सीखने की कोशिश कर रही हैं। रियलिटी शो में व्यक्तित्व और व्यवहार भी प्रदर्शन जितने ही महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में उनके लिए भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती अपने गुस्से पर नियंत्रण रखते हुए अपने करियर में आगे बढ़ना होगी।





