सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण, CM मोहन यादव के पैतृक मकान का हिस्सा भी हटेगा

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी के तहत शहर के कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। अब इस अभियान की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बहन कलावती यादव का घर भी आया है। नगर निगम की नपती के बाद दोनों मकानों के प्रभावित हिस्सों पर निशान लगाए गए हैं।
730 मीटर सड़क को किया जा रहा चौड़ा
सड़क चौड़ीकरण की योजना के तहत खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। नगर निगम के अनुसार इस परियोजना की जद में 272 इमारतें आ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी शामिल है।
यह काम सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन में बढ़ने वाली आवाजाही और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
CM के पैतृक मकान का कितना हिस्सा हटेगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के पैतृक मकान को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में प्रभावित हिस्से की माप में थोड़ा अंतर सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2.90 मीटर हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की सीमा में आ रहा है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में करीब 2.30 मीटर का उल्लेख है।
यह मकान मुख्यमंत्री के परिवार के लिए खास महत्व रखता है। रिपोर्टों के मुताबिक इसे उनके दादा रामचंद्र यादव ने 1974 में बनवाया था। इसी मकान में मोहन यादव का बचपन बीता और उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआती यादें भी इससे जुड़ी हैं।
बहन कलावती यादव का मकान भी प्रभावित
मुख्यमंत्री की बहन और उज्जैन नगर निगम की सभापति कलावती यादव का मकान भी प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक उनके मकान का करीब 3.8 मीटर हिस्सा हटाया जाना है।
परिवार की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए सहयोग करने की बात कही गई है। कलावती यादव के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि विकास कार्य में प्रभावित होने वाले लोगों के लिए जो नियम हैं, वे उनके परिवार पर भी लागू होने चाहिए।
पड़ोस के सैकड़ों मकान भी जद में
यह कार्रवाई केवल मुख्यमंत्री के परिवार के मकानों तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित मार्ग पर कुल 272 भवनों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नगर निगम ने सर्वे और नपती के बाद संबंधित भवनों को चिन्हित किया है।
सड़क चौड़ीकरण के कारण कई स्थानीय परिवारों के मकानों और दुकानों का हिस्सा भी प्रभावित होगा। प्रशासन की ओर से सड़क की निर्धारित सीमा में आने वाले निर्माण को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सामने मौजूद मंदिर भी आएगा जद में
मुख्यमंत्री के पैतृक मकान के सामने स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर का हिस्सा भी प्रस्तावित चौड़ीकरण से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों में मंदिर के 20 फीट से अधिक हिस्से के प्रभावित होने का उल्लेख है।
सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान पुराने शहर के संकरे मार्गों पर यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रहती है। इसी वजह से शहर के कई हिस्सों में सड़क और यातायात से जुड़े काम किए जा रहे हैं।
सिंहस्थ 2028 से जुड़ी है पूरी योजना
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होना है। आयोजन के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद भी उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के काम का निरीक्षण कर चुके हैं और निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे में उनके पैतृक मकान का हिस्सा भी इसी विकास योजना की जद में आना चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पूरे मकान को नहीं, बल्कि सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने वाले हिस्से को हटाया जाना है।





