MP में 62 खनिज निरीक्षकों को नियुक्ति, मोहन यादव बोले- नौकरी के साथ सेवा का भी अवसर

मध्य प्रदेश में खनिज विभाग को मजबूत करने की दिशा में 62 युवाओं को नई जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में नवनियुक्त खनिज निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से जुड़ना युवाओं के लिए रोजगार के साथ प्रदेश की सेवा करने का अवसर भी है।
‘रत्नगर्भा वसुंधरा से जुड़कर हो रहा भाग्योदय’
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवनियुक्त खनिज निरीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धरती खनिज संपदा से समृद्ध है। प्रदेश में हीरा और कोयला जैसे महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ‘रत्नगर्भा वसुंधरा’ से जुड़कर इन युवाओं का भाग्योदय हो रहा है।
उन्होंने नियुक्ति के दिन को युवाओं के जीवन में नई शुरुआत बताते हुए कहा कि खनिज विभाग में काम करने वाले अधिकारियों की भूमिका राज्य की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
नौकरी नहीं, सेवा का नया अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त खनिज निरीक्षक केवल सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें जनसेवा का नया अवसर भी मिला है। उन्होंने युवाओं की सफलता में माता-पिता और परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
राज्य सरकार ने नियुक्ति पत्र के साथ खनिज निरीक्षकों को ‘विश्वास पत्र’ भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये युवा सुशासन और लोक कल्याण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
एक साल में 85 हजार युवाओं को रोजगार देने का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है और मध्य प्रदेश भी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी सेवा में आने वाले युवाओं से जिम्मेदारी और कर्तव्य भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
खनिज आय बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपये
खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने बताया कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय करीब 8-9 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनिज निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की गई है।
नवनियुक्त निरीक्षकों से खनिज राजस्व बढ़ाने और विभागीय कामकाज में प्रभावी योगदान की उम्मीद की जा रही है।
33 कोयला ब्लॉक आवंटित, 8 में उत्पादन शुरू
विवेक पोरवाल ने बताया कि भारत सरकार की नीलामी प्रक्रिया के जरिए मध्य प्रदेश में 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए गए हैं। इनमें से आठ ब्लॉकों में कोयला उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि छह अन्य ब्लॉकों में उत्पादन शुरू करने के लिए माइन डेवलपमेंट का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि छतरपुर जिले के दो नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण कार्य जारी है। पन्ना जिले में एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है।
सोने की खोज और प्रोसेसिंग पर भी काम
खनिज विभाग के प्रमुख सचिव के मुताबिक, सिंगरौली में स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इसके अलावा सिंगरौली और कटनी में छह स्वर्ण ब्लॉकों की नीलामी की गई है।
उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र में नीलामी प्रक्रिया और सुधारों के लिए मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया है।
नियुक्ति पाकर बोले- होली और दीपावली जैसी खुशी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पांच चयनित अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दिए। इसके बाद उन्होंने नवनियुक्त खनिज निरीक्षकों के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके लिए यह दिन होली और दीपावली दोनों जैसी खुशी लेकर आया है। उन्होंने अपने दायित्व को पूरी ईमानदारी और लगन से निभाने की बात कही।
मध्य प्रदेश में खनिज संसाधनों के विस्तार और राजस्व बढ़ाने की योजनाओं के बीच इन नए खनिज निरीक्षकों की भूमिका अब महत्वपूर्ण होगी। उनके सामने खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, निगरानी और सरकारी राजस्व से जुड़े दायित्वों को प्रभावी तरीके से निभाने की जिम्मेदारी होगी।





