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E20 पेट्रोल पर सरकार का बड़ा खुलासा, संसद में बताया एथेनॉल और कच्चे तेल का खर्च

संसद के मानसून सत्र में E20 पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सरकार ने अहम जानकारी साझा की है। पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एथेनॉल खरीद, कच्चे तेल की लागत और E20 कार्यक्रम से जुड़े कई सवालों के जवाब देते हुए सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।

संसद में सरकार ने साझा किए खर्च के आंकड़े

पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संसद में बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने अप्रैल 2025 से जून 2026 के बीच लगभग 705.43 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद पर 49,577.36 करोड़ रुपये खर्च किए। मंत्री के अनुसार, E20 कार्यक्रम के तहत खरीदे गए एथेनॉल की औसत लागत करीब 70.27 रुपये प्रति लीटर रही।

कच्चे तेल की कीमत पर भी दी जानकारी

सरकार ने संसद में बताया कि जुलाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 74.8 डॉलर प्रति बैरल रही। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर सरकार ने बताया कि पेट्रोल उत्पादन के लिए कच्चे तेल की लागत लगभग 45.31 रुपये प्रति लीटर बैठती है। हालांकि, खुदरा पेट्रोल की कीमत में रिफाइनिंग, परिवहन, मार्केटिंग, टैक्स और अन्य लागतें भी शामिल होती हैं।

E20 में 20% से अधिक एथेनॉल नहीं मिलाया जाएगा

सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल E20 पेट्रोल में अधिकतम 20 प्रतिशत एथेनॉल ही मिलाया जाएगा। इससे अधिक एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से फिलहाल कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम का उद्देश्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना, किसानों को लाभ पहुंचाना और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है।

2001 से हो रहा है एथेनॉल का उपयोग

सरकार ने यह भी बताया कि एथेनॉल भारत के लिए कोई नया ईंधन नहीं है। इसका उपयोग वर्ष 2001 से परिवहन क्षेत्र में परीक्षण के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाया गया और अब 2025-26 के दौरान इसे 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है।

E20 कार्यक्रम को लेकर जारी बहस के बीच सरकार ने संसद में लागत और नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने रखे हैं। सरकार का कहना है कि फिलहाल 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की नीति पर ही अमल किया जाएगा। आने वाले समय में इस कार्यक्रम का प्रभाव ईंधन आयात, पर्यावरण और वाहन उद्योग पर कितना पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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