फ्लाईदुबई FZ1073 में 5 हीरो ने बचाई 174 यात्रियों की जान, भारतीय पायलट की बहादुरी ने रचा इतिहास

फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही FZ1073 फ्लाइट में कुछ ही मिनटों के भीतर हालात ऐसे बिगड़े कि विमान हजारों फीट नीचे जा गिरा। कॉकपिट में हिंसक झड़प, घायल पायलट और चीखते यात्रियों के बीच कुछ लोगों ने असाधारण साहस दिखाया। भारतीय कप्तान स्मित माछर और यात्रियों की त्वरित कार्रवाई ने संभावित त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई।
आसमान में अचानक मचा हड़कंप
FZ1073 में करीब 174 लोग सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई और भारतीय कप्तान स्मित माछर घायल हो गए। विमान कुछ ही समय में करीब 34 हजार फीट से तेजी से नीचे आया। इसके बाद इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया।
स्मित माछर ने नहीं छोड़ी हिम्मत
घायल होने के बावजूद कप्तान माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इससे यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने का रास्ता मिला। भारतीय दूतावास के अनुसार, माछर का तबुक में इलाज हुआ और उनकी हालत स्थिर बताई गई।
यानिव हायुन ने हमलावर को पीछे खींचा
इजराइली यात्री यानिव हायुन उन लोगों में थे जिन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर संदिग्ध हमलावर को काबू करने में मदद की। उनके मुताबिक उन्होंने हमलावर को पीछे खींचा और विमान के नियंत्रण को स्थिर करने में भी मदद की। बाद में उन्होंने बताया कि उन्होंने विमान दुर्घटना से जुड़े टीवी कार्यक्रम देखे थे, जिससे उन्हें उस वक्त कुछ समझने में मदद मिली।
असाफ राजुआन और ज़्विका मेनेस भी कॉकपिट पहुंचे
इंश्योरेंस एजेंसी के मालिक असाफ राजुआन ने बताया कि विमान तेजी से नीचे जा रहा था और यात्रियों में अफरातफरी मच गई थी। वह भी कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की। वहीं ज़्विका मेनेस ने कथित तौर पर हेडफोन केबल का इस्तेमाल कर हमलावर को रोकने में सहायता की।
शोता मुसायेव ने घायल पायलट की जान बचाने में मदद की
डेंटिस्ट शोता मुसायेव ने हमलावर को काबू करने के बाद घायल कप्तान की ओर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि माछर के सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था। मुसायेव ने प्राथमिक चिकित्सा देकर रक्तस्राव रोकने की कोशिश की और लैंडिंग तक उनकी स्थिति पर नजर रखी।
सिर्फ यात्री ही नहीं, अतिरिक्त पायलटों ने भी संभाला मोर्चा
घटना के बाद विमान में मौजूद ड्यूटी पर नहीं रहे अतिरिक्त पायलटों ने नियंत्रण संभाला। विमान को तबुक में सुरक्षित उतारा गया। इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने चार यात्रियों—यानिव हायुन, ज़्विका मेनेस, असाफ राजुआन और शोता मुसायेव—को नागरिक वीरता पुरस्कार के लिए अनुशंसित करने की बात कही है।
फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन घटना के मूल कारणों पर अटकलों से बचने को कहा है। जांच जारी है। इतना जरूर स्पष्ट है कि उस वक्त कप्तान, यात्रियों, क्रू और अतिरिक्त पायलटों की त्वरित प्रतिक्रिया ने विमान को सुरक्षित जमीन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





