गजेंद्र पटेल का ‘हम दो, हमारे पांच’ बयान, हिंदू परिवारों से पांच बच्चे पैदा करने की अपील

बड़वानी: मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी से बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के एक बयान से सियासी और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है। बड़वानी में एक बैठक के दौरान पटेल ने हिंदू परिवारों से कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की अपील की और ‘हम दो, हमारे पांच’ का नारा दिया। उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट रहने की सलाह भी दी।
कालिका माता मंदिर की बैठक में दिया बयान
रिपोर्टों के मुताबिक, बड़वानी के कालिका माता मंदिर में नवरात्रि के बाद आयोजित होने वाले भंडारे की तैयारियों को लेकर शुक्रवार रात बैठक हुई थी। इसमें सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के अलावा कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई, पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल और स्थानीय लोग मौजूद थे।
बैठक के दौरान सांसद ने परिवार और समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए हिंदू परिवारों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को समय पर शादी करनी चाहिए और परिवार बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
‘हम दो, हमारे पांच’ नारे के पीछे क्या तर्क दिया?
गजेंद्र पटेल ने अपने बयान में जनसंख्या संतुलन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि अगर जनसंख्या वृद्धि का संतुलन नहीं रहा तो भविष्य में हिंदू समाज अल्पसंख्यक हो सकता है।
हालांकि, उनके द्वारा बताए गए धार्मिक समुदायों की प्रजनन दर के आंकड़ों को सरकारी आंकड़ों से अलग करके देखना जरूरी है। NFHS-5 के मुताबिक 2019-21 में भारत में हिंदुओं की कुल प्रजनन दर 1.94 बच्चे प्रति महिला, जबकि मुस्लिम समुदाय की 2.36 थी। दोनों समुदायों की प्रजनन दर पिछले दशकों में घटी है।
शास्त्र के साथ शस्त्र की भी बात
सांसद पटेल ने अपने संबोधन में सनातन संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदुओं को शास्त्र का ज्ञान होने के साथ जरूरत पड़ने पर शस्त्र चलाना भी आना चाहिए। उन्होंने देवी-देवताओं के स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि एक तरफ आशीर्वाद की मुद्रा होती है तो दूसरी तरफ हाथ में शस्त्र भी दिखाई देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश और समाज की परिस्थितियां बदलने पर सनातनी समाज के लोग ही एक-दूसरे के काम आएंगे।
जिम नहीं, अखाड़े और योग पर जोर
गजेंद्र पटेल ने युवाओं को जिम जाने के बजाय घर पर योग करने और पारंपरिक अखाड़ों से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिम में शरीर बनाने पर जोर होता है, जबकि अखाड़ों की परंपरा शारीरिक क्षमता और अभ्यास से जुड़ी है।
उन्होंने युवाओं से नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की भी अपील की।
बयान के बाद जनसंख्या पर फिर चर्चा
गजेंद्र पटेल का बयान ऐसे समय आया है जब भारत में जनसंख्या और प्रजनन दर को लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक बहस जारी है। उपलब्ध NFHS आंकड़े बताते हैं कि देश के सभी प्रमुख धार्मिक समुदायों में प्रजनन दर में लंबे समय से गिरावट आई है। NFHS-5 में भारत की कुल प्रजनन दर करीब 2 बच्चों प्रति महिला दर्ज की गई थी।
ऐसे में सांसद का ‘हम दो, हमारे पांच’ आह्वान उनके व्यक्तिगत राजनीतिक-सामाजिक संदेश के रूप में सामने आया है, इसे किसी सरकारी परिवार-नियोजन नीति या आधिकारिक निर्देश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।





