मध्य प्रदेश

अरबों की संपत्ति, पारिवारिक विवाद और गोलीकांड, नागौद राजघराने का मामला फिर सुर्खियों में

सतना के नागौद राजघराने से जुड़ा पारिवारिक विवाद अब एक बड़े कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल चुका है। 48 घंटे बाद सामने आए वायरल वीडियो ने इस मामले को नई दिशा दे दी है, जिसमें मारपीट, फायरिंग और संपत्ति विवाद की कई परतें खुलती नजर आ रही हैं।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित नागौद राजघराने में हुए हिंसक संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रूपेंद्र सिंह उर्फ ‘बाबा राजा’ के साथ कथित मारपीट होती दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी क्लिप में फायरिंग जैसी आवाजें सुनाई देती हैं, जिससे पूरे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

क्या है विवाद की जड़?

जानकारी के अनुसार यह विवाद केवल पारिवारिक मतभेद तक सीमित नहीं है। इसमें करोड़ों की संपत्ति, पारिवारिक अधिकार और कारोबारी हितों से जुड़े मुद्दे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बाबा राजा और उनकी पत्नी योगिता सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसमें सुनीता सिंह परिहार का नाम भी लगातार सामने आता रहा है।

घटना वाले दिन क्या हुआ?

घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। एक पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान फायरिंग की गई, जिसमें योगिता सिंह घायल हो गईं। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि पहले हमला उन पर हुआ था और फायरिंग आत्मरक्षा में की गई। पुलिस अब दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध सबूतों का मिलान कर रही है।

फायरिंग और घायल होने का मामला

घटना के दौरान योगिता सिंह को गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। दूसरी ओर, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही मारपीट ने मामले को और जटिल बना दिया है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने फायरिंग के आरोप में सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच के दौरान लाइसेंसी हथियार, कारतूस और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद

यह पहला अवसर नहीं है जब इस परिवार का विवाद सुर्खियों में आया हो। पिछले कुछ वर्षों में भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट और संपत्ति को लेकर शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। परिवार के भीतर बढ़ते तनाव ने समय के साथ कानूनी और सामाजिक रूप ले लिया है।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

अब पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि फायरिंग आत्मरक्षा में हुई थी या किसी पूर्व नियोजित घटनाक्रम का हिस्सा थी।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from Media Auditor

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue Reading

%d