
मीडिया ऑडीटर |रीवा जिले में रतहरा-चोरहटा फोरलेन सड़क निर्माण कार्य को लेकर पहले से विवादों में घिरी KCC कंपनी अब डीजल आपूर्ति को लेकर भी सवालों के घेरे में आ गई है। दिन और रात के अलग-अलग समय में जियो पेट्रोल पंप पर एक ही टैंकर में डीजल भरवाते हुए सामने आई तस्वीरों ने पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में लगी कंपनी के वाहनों को लगातार डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि आम उपभोक्ताओं को कई बार सीमित मात्रा और उपलब्धता की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सामने आई तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि KCC से जुड़ा बताया जा रहा टैंकर दिन के समय भी डीजल भरवा रहा है और देर रात भी उसी पेट्रोल पंप पर मौजूद दिखाई दे रहा है। लगातार फ्यूलिंग की इन तस्वीरों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर प्रतिदिन कितनी मात्रा में डीजल लिया जा रहा है और उसका उपयोग कहां हो रहा है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रतहरा से चोरहटा तक सड़क निर्माण कार्य में भारी मशीनें, रोलर, जेसीबी, पोकलेन और अन्य उपकरण लगे हुए हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में डीजल की खपत होती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कमर्शियल डीजल की तुलना में सस्ते खुदरा डीजल का उपयोग कर लागत कम करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन लगातार सामने आ रही तस्वीरों ने लोगों के मन में कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि एक ही टैंकर को बार-बार डीजल दिया जा रहा है तो क्या इसकी सूचना संबंधित विभागों को है? क्या डीजल वितरण का पूरा रिकॉर्ड नियमों के अनुसार संधारित किया जा रहा है? और यदि सब कुछ वैधानिक है तो फिर इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जा रही?
क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन खाद्य विभाग और तेल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि जियो पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज, बिक्री रजिस्टर, बिलिंग रिकॉर्ड और डीजल वितरण की पूरी जानकारी की जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है तो जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी।
फिलहाल दिन और रात में फ्यूलिंग करते टैंकर की तस्वीरें क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जांच के बाद सामने आए तथ्यों को सार्वजनिक किया जाता है या नहीं।





