दिल्ली में हाई अलर्ट, 10 हजार जवान तैनात; संसद मार्च को लेकर बढ़ा तनाव

संसद के भीतर कानून बनाने की तैयारी है, तो संसद के बाहर विरोध की गूंज सुनाई दे रही है। एक तरफ सरकार कई अहम विधेयक पेश करने जा रही है, वहीं दूसरी ओर जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ने राजधानी दिल्ली को राजनीतिक गतिविधियों का सबसे बड़ा केंद्र बना दिया है।
संसद सत्र के साथ बढ़ी सियासी हलचल
आज से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है। सरकार इस सत्र में वंदे मातरम् से जुड़े प्रस्तावित विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की तैयारी में है। वहीं विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में संसद के भीतर तीखी बहस और बाहर राजनीतिक प्रदर्शन दोनों की संभावना ने माहौल को बेहद गर्म बना दिया है।
जंतर-मंतर बना विरोध का केंद्र, सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन के ऐलान के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। पुलिस के अनुसार, इलाके में हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और संसद की ओर जाने वाले मार्गों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। टियर गैस, वज्र वाहन और अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर मौजूद हैं। नई दिल्ली क्षेत्र में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के बीच पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।
WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए रखीं चार शर्तें
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने अस्पताल में अपनी स्वतंत्रता पर रोक लगाए जाने का आरोप लगाया और अनशन समाप्त करने के लिए चार प्रमुख शर्तें सामने रखीं। इनमें शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने, संसद तक प्रतिनिधिमंडल को जाने देने तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों द्वारा इन मुद्दों को संसद में उठाने का आश्वासन शामिल है। यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव न हो, तो उन्होंने सांसदों से अस्पताल आकर भरोसा देने की बात कही है।
दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद, यात्रियों को सलाह
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ सहित कई मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखने की जानकारी दी है। इसके साथ ही संसद मार्ग और आसपास के कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध लागू किए गए हैं। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने और यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
आज का दिन क्यों है अहम?
आज का घटनाक्रम केवल संसद की कार्यवाही तक सीमित नहीं है। एक ओर सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक मांगें राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुकी हैं। आने वाले दिनों में संसद के भीतर होने वाली चर्चा और जंतर-मंतर के घटनाक्रम दोनों देश की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
संसद का मॉनसून सत्र इस बार सिर्फ विधेयकों की वजह से नहीं, बल्कि उसके समानांतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के कारण भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार, विपक्ष, प्रदर्शनकारी और सुरक्षा एजेंसियां—सभी की भूमिका पर देश की नजर है। अब देखना होगा कि लोकतांत्रिक संवाद और राजनीतिक टकराव के बीच यह सत्र किस दिशा में आगे बढ़ता है।





