
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी अब कोई स्वतंत्र राजनीतिक पहचान नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के अनुसार काम कर रहे हैं। कन्हैया कुमार ने कहा कि यदि अमित शाह उनसे कुछ भी करने को कहें तो वे बिना सवाल किए उसे मान लेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिंदे ने अपनी राजनीतिक स्वायत्तता छोड़ दी है और पूरी तरह भाजपा नेतृत्व के सामने समर्पण कर दिया है।
INDIA गठबंधन पर क्या बोले कन्हैया?
INDIA गठबंधन को लेकर कन्हैया कुमार ने कहा कि विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाती और प्रत्येक दल को अपने राजनीतिक फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता है। उनके अनुसार गठबंधन का साझा उद्देश्य देश में नफरत और भ्रष्टाचार की राजनीति का विरोध करना है, जबकि क्षेत्रीय और स्थानीय राजनीतिक निर्णय संबंधित दल स्वयं लेते हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट पर भी उठाए सवाल
अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले पर भी कन्हैया कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि आरोप गंभीर हैं तो मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट को भंग कर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि यदि किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी बनती है तो सभी संबंधित लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।
बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस
कन्हैया कुमार के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। एक तरफ उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे की भूमिका पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर INDIA गठबंधन की कार्यशैली और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। अब इन बयानों पर भाजपा और शिवसेना की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।





