कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में 14 दिन से धरना, अनशन पर बैठे रामशिरोमणि की अचानक बिगड़ी तबीयत; प्रशासन ने अस्पताल में कराया भर्ती

इलाज के दौरान कल्पना मिश्रा की मौत के बाद न्याय और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जारी है आंदोलन, लगातार 14 दिन धरने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ा
रीवा। कल्पना मिश्रा की इलाज के दौरान हुई मौत का मामला अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामले में न्याय, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठे रामशिरोमणि मिश्रा की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। लगातार कई दिनों से अनशन और धरने पर रहने के कारण स्वास्थ्य खराब होने की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
रामशिरोमणि मिश्रा लंबे समय से कल्पना मिश्रा की इलाज के दौरान हुई मौत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर उन्होंने धरना शुरू किया और बाद में अनशन पर बैठ गए।
14 दिन से जारी है धरना
कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में अपनी मांगों को लेकर रामशिरोमणि मिश्रा पिछले 14 दिनों से धरना स्थल पर बैठे थे। आंदोलन के दौरान उन्होंने प्रशासन से मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की। लगातार कई दिनों तक धरने और अनशन के बीच बुधवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
बताया गया कि उनकी हालत खराब होने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद उन्हें तत्काल धरना स्थल से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी जांच कर उपचार शुरू किया। डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।
कल्पना मिश्रा की मौत से शुरू हुआ मामला
पूरा विवाद कल्पना मिश्रा की इलाज के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। मौत के बाद परिजनों और आंदोलन से जुड़े लोगों की ओर से इलाज और पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए गए। मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग उठती रही है।
इसी घटनाक्रम के बाद रामशिरोमणि मिश्रा ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। उनका कहना है कि जब तक मामले में न्यायोचित कार्रवाई और जिम्मेदारों के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं होती तब तक उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अब अस्पताल में भर्ती, आंदोलन पर भी सवाल
14 दिन से लगातार धरने और अनशन पर बैठे रामशिरोमणि मिश्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन की स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है वहीं दूसरी ओर कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में उठाई जा रही मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।
रामशिरोमणि मिश्रा के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने आंदोलन को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में उठाई जा रही मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और मामले की जांच एवं जिम्मेदारी को लेकर आगे क्या स्थिति सामने आती है। फिलहाल रामशिरोमणि मिश्रा का अस्पताल में उपचार जारी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।








