PM मोदी आज ‘सेवा यात्रा’ के प्रतिभागियों से करेंगे संवाद, जानेंगे गांव-गांव का अनुभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 24 सितंबर को ‘सेवा यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे। यह बातचीत सुबह करीब 9 बजे होगी। दस समूहों में यात्रा कर रहे प्रतिभागी प्रधानमंत्री के साथ अपने सफर, स्थानीय लोगों से मुलाकात और सेवा गतिविधियों के अनुभव साझा करेंगे।
वडनगर से वाराणसी तक बाइक यात्रा
‘सेवा यात्रा’ के तहत 17 सितंबर को दो मोटरसाइकिल यात्राएं शुरू हुई थीं। एक यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर के लिए रवाना हुई। दोनों यात्राओं का समापन 7 अक्टूबर को निर्धारित है। यह आयोजन प्रधानमंत्री के निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़ा है।
गांवों तक पहुंच रहा सेवा का संदेश
यह यात्रा सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने का सफर नहीं है। रास्ते में शामिल समूह कस्बों, जिलों, तहसीलों और गांवों में रुक रहे हैं। वहां स्थानीय लोगों से बातचीत के साथ अलग-अलग सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लिया जा रहा है। इस दौरान सफाई युवा भागीदारी पर खास जोर
यात्रा में युवाओं की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई है। आयोजकों के मुताबिक, इसका उद्देश्य सेवा, जनसंपर्क, युवा सहभागिता और सामुदायिक जुड़ाव को एक साथ जोड़ना है। यात्रा के दौरान प्रतिभागी स्थानीय जरूरतों को समझने और लोगों के साथ सीधे संवाद करने की कोशिश कर रहे हैं।
वाराणसी से भी रवाना हुआ बड़ा समूह
17 सितंबर को वाराणसी से वडनगर के लिए निकली यात्रा में 250 मोटरसाइकिलों पर 500 प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई थी। यात्रा को वाराणसी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं की मौजूदगी में रवाना किया गया।
25 साल की सार्वजनिक सेवा से जुड़ा आयोजन
‘सेवा यात्रा’ को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़े कार्यक्रमों का हिस्सा बताया गया है। व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सामाजिक सेवा, स्वच्छता, जनसंपर्क और सामुदायिक गतिविधियां शामिल हैं।
अब यात्रियों से सुनेंगे जमीनी अनुभव
गुरुवार का संवाद इसलिए भी अहम है क्योंकि प्रधानमंत्री सीधे यात्रा में शामिल लोगों से उनके अनुभव सुनेंगे। रास्ते में मिले लोगों की प्रतिक्रिया, सेवा गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर सामने आई जरूरतों पर बातचीत हो सकती है। 7 अक्टूबर तक चलने वाली इन यात्राओं के अगले चरण पर भी इस संवाद की नजर रहेगी।वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक चल रही यह यात्रा अब जमीनी अनुभवों को सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। गांवों और कस्बों में हुए संवाद से सामने आने वाली तस्वीर पर आज होने वाली बातचीत की खास नजर रहेगी।





