आम आदमी पार्टी को चंदे में बड़ा झटका, पिछले साल के मुकाबले 68 प्रतिशत कम हुआ कुल योगदान

आम आदमी पार्टी के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में चंदे के मोर्चे पर बड़ी गिरावट सामने आई है। चुनाव आयोग को दी गई पार्टी की योगदान रिपोर्ट के मुताबिक AAP ने 12.10 करोड़ रुपये के चंदे की जानकारी दी है। यह रकम पिछले वित्त वर्ष के 38.10 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 68 प्रतिशत कम है। इसी रिपोर्ट में अब CJP के सह-संयोजक और पूर्व AAP प्रवक्ता आशुतोष रांका का 21,100 रुपये का योगदान भी सामने आया है।
AAP को मिले 12.10 करोड़ रुपये
AAP की योगदान रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में पार्टी ने कुल 12.10 करोड़ रुपये के चंदे की जानकारी चुनाव आयोग को दी। पिछले साल पार्टी ने 38.10 करोड़ रुपये के योगदान की जानकारी दी थी। यानी एक साल में घोषित चंदे में करीब 26 करोड़ रुपये की कमी आई है।
रिपोर्ट में 1,202 दान प्रविष्टियां दर्ज हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि राजनीतिक दलों को अपनी वार्षिक योगदान रिपोर्ट में 20 हजार रुपये से अधिक के योगदान का विवरण देना होता है। इसलिए रिपोर्ट में दर्ज रकम पार्टी को मिले हर छोटे योगदान का पूरा आंकड़ा नहीं मानी जा सकती।
दो बड़े दानदाताओं ने दिए 10 करोड़
AAP की घोषित कुल रकम में दो दानदाताओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड ने 5-5 करोड़ रुपये का योगदान दिया। दोनों की रकम मिलाकर करीब 10 करोड़ रुपये होती है, जो AAP द्वारा घोषित कुल चंदे का लगभग 83 प्रतिशत है।
ट्राइडेंट लिमिटेड की स्थापना AAP के पूर्व राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता ने की थी। कंपनी की ओर से 5 करोड़ रुपये का चेक 9 जनवरी 2026 का बताया गया है। उस समय गुप्ता AAP के साथ थे। बाद में अप्रैल 2026 में वह BJP में शामिल हो गए।
आशुतोष रांका ने कितना दिया चंदा?
AAP की डोनेशन रिपोर्ट में आशुतोष रांका का नाम भी दर्ज है। रांका पहले AAP के प्रवक्ता रह चुके हैं और अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के सह-संयोजक हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में AAP को 21,100 रुपये का योगदान दिया था। यह योगदान उनके CJP में शामिल होने से पहले का है। इसलिए इसे उनके मौजूदा राजनीतिक संगठन की ओर से AAP को दिया गया चंदा नहीं माना जा सकता।
पिछले वर्षों से कैसे बदला चंदे का आंकड़ा?
AAP के घोषित चंदे में पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। 2023-24 में पार्टी ने 11.06 करोड़ रुपये का योगदान घोषित किया था। 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 38.10 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके बाद 2025-26 में यह घटकर 12.10 करोड़ रुपये रह गया।
यानी 2025-26 का आंकड़ा 2023-24 के स्तर के आसपास है, जबकि उससे ठीक पिछले साल पार्टी ने इससे काफी अधिक चंदा घोषित किया था।
चंदे की रिपोर्ट में क्या दिखता है?
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि घोषित चंदे का बड़ा हिस्सा कुछ बड़े दानदाताओं से आया। बाकी करीब 2.10 करोड़ रुपये विभिन्न अन्य दानदाताओं से प्राप्त हुए।
हालांकि, सिर्फ चंदे में कमी के आधार पर पार्टी के राजनीतिक समर्थन या भविष्य की स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यह आंकड़ा मुख्य रूप से उस वित्त वर्ष में रिपोर्ट किए गए राजनीतिक योगदान की जानकारी देता है।
आगे भी निगाह रहेगी चंदे के आंकड़ों पर
AAP की यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब पार्टी फरवरी 2025 में दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद अपने पहले पूरे वित्त वर्ष का वित्तीय विवरण पेश कर रही है। आने वाले समय में अन्य राजनीतिक दलों की योगदान रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर अलग-अलग पार्टियों के घोषित चंदे की तुलना भी सामने आएगी।
फिलहाल AAP की रिपोर्ट में सबसे अहम तीन आंकड़े हैं—12.10 करोड़ रुपये का कुल घोषित चंदा, पिछले साल के मुकाबले 68 प्रतिशत की गिरावट और दो बड़े दानदाताओं से आए 10 करोड़ रुपये। इसी रिपोर्ट में आशुतोष रांका का 21,100 रुपये का योगदान भी दर्ज है।





