राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ में दिखेगी मध्य प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, भील-गोंड कला से सजेगा समारोह

स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष में राष्ट्रपति भवन का पारंपरिक ‘एट होम’ समारोह इस बार केवल राष्ट्रीय गौरव का अवसर नहीं होगा, बल्कि देश की विविध जनजातीय और लोककलाओं का जीवंत मंच भी बनेगा, जहां मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की सांस्कृतिक विरासत खास आकर्षण बनेगी।
राष्ट्रपति भवन में दिखेगा MP का सांस्कृतिक वैभव
15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित होने वाले पारंपरिक ‘एट होम’ कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, राजनीतिक हस्तियां, राजनयिक और विदेशी मेहमानों समेत करीब 500 लोगों के शामिल होने की संभावना है।
भील और गोंड कला से सजेगा आयोजन
कार्यक्रम के दौरान मेहमानों के बीच मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ की परंपराओं, भील और गोंड कला की झलक देखने को मिलेगी। आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए भील समुदाय के घर और गोंड समुदाय के आंगन की थीम भी तैयार की गई है।
इसके साथ आदिवासी विवाह स्थल की झांकी भी कार्यक्रम की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएगी।
बाघ प्रिंट बनेगा खास आकर्षण
मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध बाघ प्रिंट कला भी समारोह में खास जगह बनाएगी। शाही चांदी के बर्तनों और राष्ट्रपति भवन के विशेष क्रॉकरी सेट के बीच रखी बाघ प्रिंट की कलाकृति भारतीय हस्तशिल्प की सदियों पुरानी परंपरा और स्थानीय कारीगरों की कुशलता को सामने रखेगी।
यह प्रस्तुति परंपरा और आधुनिक राष्ट्रीय समारोह के बीच एक खूबसूरत सेतु का काम करेगी।
कई राज्यों की कला भी होगी शामिल
राष्ट्रपति भवन में केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, गोवा और महाराष्ट्र की कलात्मक परंपराओं को भी जगह दी जाएगी। छत्तीसगढ़ की मेटल आर्ट के साथ महाराष्ट्र और गोवा की ज्यामितीय कलाकृतियां समारोह की सजावट का हिस्सा होंगी।
इससे कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विविधता एक साथ दिखाई देगी।
निमंत्रण पत्र भी बना कला का प्रतीक
इस बार ‘एट होम’ का निमंत्रण पत्र भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। इसकी डिजाइन में छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कला परंपराओं के साथ पहाड़ी भू-भाग और नदियों से जुड़े पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को दर्शाया गया है।
पूरे निमंत्रण पैकेज को राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID), अहमदाबाद ने तैयार किया है।
संस्कृति से पर्यावरण तक, दिखेगा भारत
इस आयोजन की खासियत केवल सजावट तक सीमित नहीं है। इसमें कला, समुदाय, पर्यावरण और परंपरा को एक साथ प्रस्तुत करने की कोशिश दिखाई देती है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में जब अलग-अलग राज्यों की लोक और जनजातीय संस्कृति एक मंच पर आएगी, तो यह भारत की विविधता में एकता की तस्वीर को और मजबूत करेगी।





