रांची में छात्र आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार, देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बाद अब झारखंड की राजधानी रांची भी छात्र विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बनती दिख रही है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं, जबकि देवेंद्र नाथ महतो ने मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम बना आंदोलन का केंद्र
रांची के कचहरी चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। रविवार को भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरने में शामिल हुए। शाम के समय प्रदर्शनकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। यह जुलूस जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा।
भूख हड़ताल से सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश
छात्र आंदोलन को नया मोड़ देते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। आंदोलनकारी इसे सत्याग्रह का हिस्सा बता रहे हैं और सरकार से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं—
- कथित अनियमितताओं वाली JSSC परीक्षाओं को तत्काल रद्द किया जाए।
- TDPL कंपनी और अभय तिवारी से जुड़े सभी परीक्षा मामलों की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए।
- JPSC और JSSC की चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
- पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सरकार की चुप्पी से बढ़ रहा आक्रोश
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आए एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। उनके मुताबिक इस वजह से हजारों अभ्यर्थियों में निराशा और गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र हितों के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।
आगे क्या होगा?
छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। फिलहाल रांची में जारी यह विरोध प्रदर्शन झारखंड की भर्ती परीक्षाओं और उनकी पारदर्शिता को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।





