कठुआ में कथित जासूसी नेटवर्क का खुलासा, अमन पर सामरिक ठिकानों की तस्वीरें पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजने का आरोप

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में गिरफ्तार 24 वर्षीय ट्रक ड्राइवर अमन कुमार से पूछताछ के बाद कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अमन को सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाया गया और उससे संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें व निगरानी संबंधी जानकारी जुटाने का आरोप है।
करीब एक साल से संपर्क में होने का दावा
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कठुआ के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला अमन अक्टूबर 2025 के आसपास सीमा पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में आया था। आरोप है कि शुरुआत में सोशल मीडिया के जरिए उसका भरोसा जीता गया और बाद में उसे संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
अमन पेशे से ट्रक ड्राइवर है और काम के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश और असम तक यात्रा करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसकी इसी आवाजाही का इस्तेमाल महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की तस्वीरें जुटाने के लिए किया गया।
सुरंगों, पुलों और अन्य ढांचे की तस्वीरें भेजने का आरोप
रिपोर्टों के मुताबिक, अमन ने लद्दाख और कश्मीर क्षेत्र की सुरंगों, पुलों, दर्रों और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों की तस्वीरें कथित तौर पर सीमा पार भेजीं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि अब तक कितनी तस्वीरें और जानकारियां साझा की गईं।
पुलिस के अनुसार, उसे सांबा के सैन्य क्षेत्र की कथित रेकी करने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि, इस दावे और अमन की वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
घर के बाहर SIM आधारित CCTV लगाने का आरोप
जांच में सामने आए सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक अमन के घर के बाहर लगाए गए CCTV कैमरे से जुड़ा है। India Today और NDTV की रिपोर्टों के अनुसार, अमन ने सीमा के पास सुरक्षा बलों की आवाजाही वाले मार्ग की ओर एक SIM-enabled CCTV कैमरा लगाया था। आरोप है कि इसका फुटेज पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाया जा रहा था।
कुछ रिपोर्टों में दो हाई-डेफिनिशन कैमरों और करीब 20 हजार रुपये दिए जाने का भी उल्लेख है। यह विवरण अभी जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आया है।
लाइव निगरानी की आशंका
जांच एजेंसियों को आशंका है कि कैमरे का इस्तेमाल केवल रिकॉर्ड किए गए वीडियो के लिए नहीं, बल्कि सीमावर्ती सड़क और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर रियल-टाइम नजर रखने के लिए किया जा रहा था।
NDTV के मुताबिक, पुलिस ने मामले में अमन के खिलाफ Official Secrets Act के तहत केस दर्ज किया है और उसका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच की जा रही है।
महिला हैंडलर से संपर्क की भी जांच
रिपोर्टों के मुताबिक, अमन को सोशल मीडिया के जरिए महिला हैंडलर ने संपर्क किया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस संपर्क का नेटवर्क कितना बड़ा था और अमन से किस तरह की जानकारी मांगी जाती थी।
अमन के मोबाइल से कथित तौर पर डिलीट डेटा, विदेशी नंबरों और सोशल मीडिया चैट को रिकवर करने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा है।
ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की भी जांच
सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि क्या सीमावर्ती इलाकों में ट्रक और दूसरे परिवहन नेटवर्क का इस्तेमाल संवेदनशील सूचनाएं जुटाने के लिए किया जा रहा था।
कठुआ मामले के अलावा जम्मू क्षेत्र में हाल के महीनों में इसी तरह के कथित डिजिटल निगरानी मामलों की रिपोर्ट सामने आई है। पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों के लोगों को सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल और संदिग्ध संपर्कों से सावधान रहने की सलाह भी दी है।
कठुआ में अमन कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां कथित जासूसी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं। पुलिस के अनुसार, मामला संवेदनशील तस्वीरें साझा करने के साथ-साथ SIM आधारित CCTV के जरिए कथित लाइव निगरानी तक पहुंचता है। फिलहाल अमन की भूमिका, सीमा पार संपर्कों और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के बाद होगी।





