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एक्शन सड़क पर, खेल कहीं और! RTO की चेकिंग में हादसा, KCC के संदिग्ध वाहनों पर क्यों खामोशी?

रीवा/रायपुर। रीवा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र में परिवहन विभाग की विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। घटना में एक कैप्सूल टैंकर वाहन सामने खड़े कंटेनर से जा टकराया जिससे वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि चालक और कंडक्टर की जान बच गई। हादसे के बाद चालक ने परिवहन विभाग की चेकिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं वहीं दूसरी ओर रतहरा से चोरहटा तक सड़क निर्माण कार्य कर रही KCC कंपनी के वाहनों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परिवहन विभाग द्वारा सड़क पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहा कैप्सूल वाहन अचानक अनियंत्रित होकर कंटेनर में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे के बाद चालक धीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क पर कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा वाहनों को रुकवाया जा रहा था। अचानक वाहन रोकने की गतिविधि देखकर वह घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। चालक का कहना है कि यदि चेकिंग अभियान व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता।

घटना के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग सड़क पर चेकिंग कर छोटे और सामान्य वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई तो करता है लेकिन रतहरा से चोरहटा मार्ग का निर्माण कर रही KCC कंपनी के भारी वाहनों पर अपेक्षित सख्ती दिखाई नहीं देती।

क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि KCC कंपनी के कई डंपर टैंकर और अन्य भारी वाहन लंबे समय से सड़कों पर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई वाहनों के परमिट फिटनेस और अन्य दस्तावेजों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग के कार्यालय से कुछ ही दूरी पर ऐसे वाहन खुलेआम संचालित होते दिखाई देते हैं लेकिन कार्रवाई अक्सर औपचारिकता तक सीमित रह जाती है।

विशेष रूप से सड़क निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे पानी के टैंकरों को लेकर भी चर्चा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ वाहनों के वैध दस्तावेज और फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद वे निर्माण कार्य में लगातार उपयोग किए जा रहे हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा व्यापक जांच और ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

लोगों का कहना है कि यदि सड़क सुरक्षा और राजस्व संरक्षण वास्तव में विभाग की प्राथमिकता है तो सभी वाहनों की समान रूप से जांच होनी चाहिए। केवल चुनिंदा वाहनों पर कार्रवाई और प्रभावशाली संस्थाओं से जुड़े वाहनों पर नरमी बरतने से विभाग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।

रायपुर क्षेत्र में हुआ यह हादसा एक बार फिर यह संकेत दे रहा है कि सड़क सुरक्षा केवल चेकिंग अभियान चलाने से सुनिश्चित नहीं होगी बल्कि नियमों का समान रूप से पालन और निष्पक्ष कार्रवाई भी आवश्यक है। अब आम जनता मांग कर रही है कि रतहरा से चोरहटा सड़क निर्माण कार्य में लगे सभी भारी वाहनों की दस्तावेज फिटनेस और परमिट संबंधी जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।

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